लगातार बारिश का लोहरदगा में प्रभाव:कोयल नदी में एक बार फिर आया उफान, पुल के पास पहुंचा पानी; बाढ़ देखने के लिए जुटी भीड़

लोहरदगा2 महीने पहले
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शनिवार दिन और रात में हुई जोरदार बारिश से नदी पूरी तरह लबालब भर गई है - Dainik Bhaskar
शनिवार दिन और रात में हुई जोरदार बारिश से नदी पूरी तरह लबालब भर गई है

लगातार बारिश की वजह से नदी-नालों में बहाव तेज हो गया है। सेन्हा ब्लॉक स्थित सेरंगहातु व सिठीयो के बीच स्थित कोयल नदी एक बार फिर उफान पर है। शनिवार दिन और रात में हुई जोरदार बारिश से नदी पूरी तरह लबालब भर गई है। रविवार सुबह नदी का पानी करीब 15 फीट ऊपर उठकर पुल को छूता नजर आया। वहीं, नदी में बाढ़ को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है, जो खतरनाक हो सकता है।

बताते चलें कि 31 जुलाई को भी लगातार हुई बारिश से कोयल नदी काफी उफान पर थी। पानी पुल के ऊपर से बह रहा था। इससे लोहरदगा-रांची मार्ग बाधित भी हो गया था।

लोगों को 10 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है
लोगों को सिठियो पुल पर पानी का बहाव बढ़ने के कारण जिला मुख्यालय तक पहुंचने में लगभग 10 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इमरजेंसी में लोगों को तिगरा पुल होते हुए जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है।

11 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा नया पुल

जिस पुल पर नदी उफान पर है, ठीक उससे कुछ दूरी पर नए पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पथ निर्माण विभाग द्वारा लगभग 11 करोड़ रुपए की लागत से यह निर्माण कार्य 2018 में शुरू किया गया था, जिसका लाभ लोगों को 2021 में मिलने की उम्मीद थी।

रविवार सुबह नदी का पानी करीब 15 फीट ऊपर उठकर पुल को छूता नजर आया।
रविवार सुबह नदी का पानी करीब 15 फीट ऊपर उठकर पुल को छूता नजर आया।

पलामू से लेकर संथाल परगना तक तेज बारिश की संभावना
इधर, 10 अगस्त से राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 48 घंटों में झारखंड के उत्तर में मानसून केंद्रित रहेगा। इससे पलामू से लेकर संथाल परगना तक अच्छी बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

बांग्लादेश के पश्चिम में एक व्यापक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना

अन्य हिस्सों में सामान्य से हल्की बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल से लेकर बांग्लादेश के पश्चिम में एक व्यापक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है। इससे 10 अगस्त से यह सिस्टम और व्यापक होगा, जिससे राज्य के लगभग सभी हिस्सों पर बारिश हो सकती है।

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