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लापरवाही की भेंट चढ़े:सदर अस्पताल में मॉक्स रेगुलेटर फटा, सुबह 4:45 से 6 बजे के बीच ऑक्सीजन सप्लाई रुकी; इसी दौरान 6 की मौत

रांचीएक महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • ऑक्सीजन रुकते ही आईसीयू में मरीज तड़पने लगे, ए ब्लॉक में 4, बी ब्लॉक में 2 मरीजों की मौत हो गई

सदर अस्पताल में गुरुवार काे अहले सुबह मेनिफोल्ड रूम में मॉक्स रेगुलेटर लीकेज के कारण अचानक फट गया। इससे करीब 5 बजे आईसीयू में ऑक्सीजन की सप्लाई रुक गई। तुरंत फ्लो (प्रेशर) 50 से 12 तक पहुंच गया। इसके बाद अफरातफरी मच गई। कुछ ही समय में गंभीर स्थिति में वेंटिलेटर व हाई फ्लो सपोर्ट वाले 6 रोगियों ने दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शी मरीज व उनके परिजनों ने बताया कि उन्होंने ऑक्सीजन के अभाव में मरीजों को तड़प-तड़प कर मरते देखा।

आईसीयू बेड नंबर- 23 के मरीज ने बताया कि सुबह अचानक ऑक्सीजन प्रेशर कम होने लगा। ऑक्सीजन फ्लो मीटर में प्रेशर 50 से 12 तक पहुंच गया। उसी कमरे में तीन अन्य मरीज वेंटिलेटर व हाइफ्लो सपोर्ट पर थे। वार्ड में जंबो सिलेंडर था, सभी उसे कनेक्ट करने में लग गए। लेकिन देखते ही देखते एक-एक कर एक ही कमरे से तीन मरीजों की मौत हो गई। आईसीयू ए ब्लॉक में चार और बी ब्लॉक में 2 मरीजों की मौत सुबह 5 से 6 के बीच हो गई।

वेंटिलेटर पर थे मरीज, जंबो सिलेंडर भी काम नहीं आया

वेंटिलेटर पर पड़ी गढ़वा की शोभा देवी की इस दौरान मौत हो गई। उनके पति ने अस्पताल प्रबंधन को दोषी मानते हुए कहा कि ऑक्सीजन नहीं मिलने से मौत हुई है। जैसे ही प्रेशर कम हुआ, जंबो सिलेंडर लगाने के लिए कर्मी को खोजा जाने लगा। पर, वह नहीं मिला। खुद से लगाने के प्रयास के बीच शोभा की माैत हो गई। वह बेड नंबर 29 पर थीं। वहीं, आईसीयू ए ब्लॉक के बेड नंबर 25 व 27 के भी मरीज की मौत हो गई। मोरहाबादी की मंजू सिन्हा वेंटिलेटर पर थीं। जबकि बेड नंबर 25 पर 60 वर्षीय फागू उरांव थे।

अस्पताल प्रबंधन बोला- मरने वाले पहले से ही गंभीर रूप से बीमार थेपरिजनों का आरोप...

मरीजों को नहीं मिली ऑक्सीजन, जंबो सिलेंडर वार्ड में था पर उसे लगाने वाला कर्मी नहीं मिला।

टेक्नीशियन ने कहा...

रेगुलेटर में हो गया था लीकेज, एक घंटे में नए मेनिफोल्ड से ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू हो पाई।

रेगुलेटर में था लीकेज, प्रेशर बढ़ता गया और फट गया

मेनिफोल्ड का काम देख रहे कर्मियों ने बताया कि रूम में सिलेंडर से सप्लाई दी जाती है। सिलेंडरों को जोड़ने व फ्लो कंट्रोल के लिए मॉक्स रेगुलेटर होता है। उसमें लीकेज था। अचानक ऑक्सीजन का प्रेशर बढ़ा और रेगुलेटर फट गया। कोविड इंचार्ज डॉ पंकज सिन्हा ने भी इसकी पुष्टि की। बताया कि थोड़ी ही देर में इसे ठीक कर लिया गया। दो मेनिफोल्ड यूनिट तैयार थे। उनसे आईसीयू में ऑक्सीजन की सप्लाई दे दी गई। हालांकि कहा कि मरीजों की स्थिति पहले से ही क्रिटिकल थी। उसी से मौत हुई।

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