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लापरवाही की चादर से ढका सिस्टम:झारखंड में हर रोज मरीज मर रहे फिर भी पीएम केयर फंड से मिले 60 वेंटिलेटर 7 जिलाें के अस्पतालों में बेकार

रांची2 महीने पहले
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झारखंड में काेराेना बेतहाशा बढ़ रहे हैं। मरीजाें काे अस्पताल में बेड नहीं मिल रहे हैं। वेंटिलेटर के अभाव में लाेगाें की जान जा रही है। वहीं सात जिलाें में 60 वेंटिलेटर धूल फांक रहे हैं। कहीं यह अब तक डिब्बाें में बंद हैं ताे कहीं कपड़े से ढंककर छाेड़ दिया गया है।

सभी वेंटिलेटर प्रधानमंत्री केयर फंड से आए थे, जिन्हें सदर अस्पताल काे दिया गया था, लेकिन कहीं भी इसका उपयाेग करने की जहमत नहीं उठाई गई। अगर ये वेंटिलेटर राज्य के सबसे ज्यादा संक्रमण वाले रांची, जमशेदपुर और हजारीबाग काे दे दिए जाते ताे यहां काफी हद तक मुश्किलें कम हाे सकती थीं।

लातेहार सदर अस्पताल में 12 वेंटिलेटर 5 माह से धूल फांक रहे हैं। इन्हें चादर से ढंककर छाेड़ दिया गया है। गुमला में प्रशिक्षित टेक्निशियन के अभाव में 21 वेंटिलेटर का उपयाेग नहीं हाे रहा है। बाेकाराे में भी वेंटिलेटर रखे हुए थे। यहां सदर अस्पताल की आईसीयू के गेट पर ताला लगा था। लेकिन गुरुवार काे उपाधीक्षक डॉ. रेणु भारती ने इसे चालू कराकर एक मरीज काे भर्ती कर लिया गया।

हजारीबाग में पीएम केयर फंड से 9 वेंटिलेटर सीएचसी और पीएचसी में लगाए गए, पर बेकार पड़े हैं। यहां एनटीपीसी से 8, डीएमएफटी फंड से 4 और एनएचआरएम से 16 समेत 28 वेंटिलेटर मिले थे। ये भी उपयाेग में नहीं लाए गए। ऐसा ही हाल रामगढ़, चतरा और सिमडेगा का है। इन जिलाें में टेक्निशियन के अभाव में वेंटिलेट बेकार पड़े हैं।

लातेहार में ऑक्सीजन कनेक्शन नहीं, इसलिए ढंक दिए
लातेहार सदर अस्पताल में रखे 12 वेंटिलेटर पांच महीने से धूल फांक रहे हैं। अक्टूबर 2020 में पीएम केयर फंड से सदर अस्पताल को 12 वेंटिलेटर मिले थे। उसी समय से एक रूम में सफेद चादर से ढंक कर रख दिया गया। अब उस पर धूल जमने लगी है। सिविल सर्जन संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पीएम केयर फंड से 12 वेंटिलेटर मिले थे। ऑक्सीजन पाइप का कनेक्शन नहीं होने के कारण पांच महीने से चालू नहीं हो पाया है। हमलोग लगातार वेंटिलेटर को स्थापित करने का प्रयासकर रहे हैं। जल्द ही शुरू किया जाएगा।

बाेकाराे से 25 वेंटिलेटर अलग-अलग जगह भेजे गए, 20 दो दिन पहले लगाए गए
बोकारो में भी 45 वेंटिलेटर थे, जो बेकार पड़े हुए थे। ये सदर अस्पताल में रखे हुए थे और वहांं गेट पर ताला लटका हुआ था। उपाधीक्षक डॉक्टर रेणु भारती ने गुरुवार काे यहां आईसीयू वार्ड शुरू की। इनमें 20 वेंटिलेटर लगा दिए गए। यहां एक मरीज वेंटिलेटर पर भर्ती है। वहीं सदर अस्पताल में 10, बोकारो जनरल अस्पताल में 5, एएनएम सेंटर बोकारो में 5, रिम्स रांची काे 5 वेंटिलेटर भेजे गए हैं।

नोडल अफसर बोले-गुमला में एक-दो दिन में सेट कर देंगे
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अफसर डॉ. नागभूषण ने कहा- हमारे पास वेंटिलेटर चलाने के लिए एक्सपर्ट नहीं हैं। लेकिन एक-दो दिन में सभी को सेट कर दिया जाएगा।

जानिए...कहां किस हालत में हैं उपकरण

  • सिमडेगा-10 : 5 रांची भेज दिया गया, 5 बेकार पड़े हैं। टेक्निशियन नहीं हैं।
  • गुमला-21 : टेक्निशियन नहीं हैं। अबतक उपयोग में नहीं हैं। सदर अस्पताल में रखा गया है।
  • रामगढ़-28 : 16 उपयोग में हैं, 12 बेकार पड़े हैं। डॉक्टर-टेक्निशियन की कमी है इसलिए इन्स्टॉल नहीं कराया गया।
  • हजारीबाग-9 : सीएचसी और पीएचसी में लगाए गए, पर उपयोग में नहीं हैं। एनटीपीसी से 8, डीएमएफटी फंड से 4 और एनएचआरएम से 16 समेत 28 वेंटिलेटर खरीदे गए थे। उपयोग में नहीं लाया गया।
  • चतरा-11 : 5 रांची भेज दिया गया। बाकी 6 को कोविड वार्ड में इन्स्टॉल किया गया, पर संचालित करने के लिए टेक्निशियन नहीं हैं।
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