अधूरी तैयारी:बिना बेड तड़प रहे मरीज, मगर 18 वेंटिलेटरों का अबतक इस्तेमाल ही नहीं हुआ; पड़े-पड़े आधा दर्जन हो गए खराब, अब बनाने भेजा

रांची6 महीने पहले
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खराब वेंटिलेटरों को बनाने भेजते सदर अस्पताल के स्टाफ। - Dainik Bhaskar
खराब वेंटिलेटरों को बनाने भेजते सदर अस्पताल के स्टाफ।
  • मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए लगा मेनिफॉल्ड 20 से ज्यादा वेंटिलेटर को सपोर्ट नहीं करता

राज्य सरकार ने महामारी से निबटने के लिए सदर अस्पताल को कोविड अस्पताल बना दिया है। यहां कोरोना के गंभीर रोगियों का इलाज चल रहा है। पर यहां लगे मेनिफॉल्ड में 20 से ज्यादा वेंटिलेटर को ऑक्सीजन सप्लाई करने की क्षमता नहीं है, इस कारण 18 वेंटिलेटर का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।

इनमें से बिना इस्तेमाल आधा दर्जन से ज्यादा वेंटिलेटर खराब हो गए। अस्पताल प्रबंधन ने बुधवार को इन्हें मरम्मत के लिए भेजा। सदर अस्पताल में कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर तो हैं, लेकिन चलाने वाला एक भी एक्सपर्ट डॉक्टर नहीं है। मेडिसिन के डॉक्टर अपनी समझ के अनुसार पिछले कुछ दिनों से वेंटिलेटर ऑपरेट कर रहे हैं।

एनिस्थेटिस्ट डॉ. पंकज को बनाया लॉजिस्टिक इंचार्ज

सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. पंकज एनेस्थेटिस्ट हैं। वेंटिलेटर के संचालन में एनेस्थेटिस्ट एक्सपर्ट होते हैं। लेकिन, अस्पताल के कोविड वार्ड में अब तक एक बार भी इनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई है। डॉक्टरों की कमी के बावजूद इन्हें लॉजिस्टिक इंचार्ज की जिम्मेदारी दी गई है।

मशीन जल्द ठीक होकर आ जाएगी: उपाधीक्षक

​​​​​​कुछ वेंटिलेटर को मरम्मत के लिए भेजा गया है। मशीन खराब होने की वजह से आईसीयू में ज्यादा मरीजों को वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिल पा रही है। मशीन जल्द मरम्मत होकर आ जाएगी, इसके बाद मरीजों को लाभ मिलेगा। जहां तक डॉक्टरों की कमी की बात है, तो उसे भी जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।
-डॉ. सव्यसाची मंडल, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल

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