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  • Poverty Broke The Dream Of Becoming A Footballer, Now Giving Free Training To 250 Girls And 50 Boys, 25 National Players And Two Selected In Under 17 FIFA Cup

भास्कर खास:गरीबी ने फुटबॉलर बनने का सपना तोड़ा, अब 250 लड़कियों व 50 लड़कों को दे रहे फ्री ट्रेनिंग, 25 नेशनल प्लेयर व दो का चयन अंडर-17 फीफा कप में

रांची2 महीने पहलेलेखक: क्रांति दीप
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फुटबॉल की ट्रेनिंग लेतीं युवतियां - Dainik Bhaskar
फुटबॉल की ट्रेनिंग लेतीं युवतियां
  • संसाधनों की काफी कमी, बावजूद आनंद प्रसाद गोप पूरे उत्साह से खिलाड़ियों को दे रहे हैं ट्रेनिंग

इरबा के पास छाेटा सा गांव है करमा। यहीं आनंद प्रसाद गाेप रहते हैं। आनंद को राष्ट्रीय स्तर का फुटबॉलर बनने का सपना था, पर आर्थिक स्थिति कमजोर होने से सपना अधूरा रह गया। पर, उन्हाेंने हार नहीं मानी। ग्रामीण इलाकों के युवाओं के माध्यम से सपना पूरा करने की ठानी और फुटबॉल की ट्रेनिंग देनी शुरू की।

फिलहाल, आनंद कांके व ओरमांझी के विभिन्न गांवाें में लगभग 300 खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं, जिनमें 250 लड़कियां व 50 लड़के शामिल हैं। 25 लड़कियां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं। कई खिलाड़ी डेनमार्क व इंग्लैंड में टूर्नामेंट भी खेल चुके हैं।

2 बड़ी चुनौतियां जिस पर पाई विजय

  • लड़कियों को हाफ पैंट पहनने से नाराज लोग मैदान में कांच के टुकड़े फेंक देते थे, ताकि खेल न सकें
  • लड़कियां घर और खेत पर काम करतीं थीं, ऐसे में परिजन खेल के लिए राजी नहीं हो रहे थे

अनिता व सोनी अंडर-17 फीफा कप टूर्नामेंट के लिए तैयार

दो खिलाड़ी अनिता कुमारी व सोनी मुंडा का चयन अंडर-17 फीफा कप टूर्नामेंट के लिए हुआ है। आनंद बताते हैं कि आर्मी बहाली में उनका सेलेक्शन हो गया था, लेकिन उन्होंने खेल व खिलाड़ियों को चुना। वे डी लाइसेंस कोच, प्रीमियर स्किल्स कोच हैं।

मदद की आस, एक आवासीय प्रशिक्षण केंद्र बने

आनंद ने बताया कि बूट, जर्सी, फुटबॉल व अन्य ट्रेनिंग से संबंधित चीजों की कमी है। हाल ही में वे सीएम हेमंत सोरेन से मिले थे। एक आवासीय प्रशिक्षण केंद्र की मांग की है, ताकि खिलाड़ी आगे बढ़ सकें।

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