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राजस्व बढ़ाने की कवायद:शराब की थोक बिक्री निजी हाथों में देने की तैयारी रांची, धनबाद व जमशेदपुर के लिए देना होगा 5 करोड़

रांची2 महीने पहले
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  • प्रस्ताव तैयार, विधि विभाग और वित्त विभाग की अनुमति लेना जरूरी

राज्य में शराब की थोक बिक्री की व्यवस्था अब धीरे-धीरे निजी हाथों की ओर बढ़ती नजर आ रही है। राज्य के सभी 24 जिलों में शराब बिक्री की थोक व्यवस्था झारखंड राज्य बेवरेजेस कारपोरेशन के हाथों से वापस लेकर इसे निजी हाथों में देने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। यह प्रस्ताव सहमति के लिए विधि विभाग तक पहुंच चुका है। इसके बाद इसे वित्त विभाग की अनुमति के लिए भी भेजा जाएगा। दोनों विभागों से अनुमति मिलने के बाद यह मामला कैबिनेट में जाएगा। वर्तमान में कारपोरेशन ही पूरे राज्य में थोक शराब की बिक्री कर रहा है।

कारपोरेशन के कुल इक्कीस जिलों में गोदाम हैं। इस सिलसिले में जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसके अनुसार, शराब के थोक व्यवसाय के लिए हर जिले में एक या एक से ज्यादा लोगों को लाइसेंस दिया जा सकता है। इतना ही नहीं, आवेदन देने वाले को 25 लाख रुपए देना होगा, जो वापस नहीं मिल पाएगा। हर जिले के लिए अलग-अलग वार्षिक लाइसेंस रखा गया है। जिसमें एक जिले में ज्यादा से ज्यादा एक करोड़ और कम से कम 30 लाख रुपए का प्रस्ताव है। रांची समेत तीन जिलों, जिसमें धनबाद और जमशेदपुर शामिल हैं, इन जिलों में एक-एक करोड़ रुपए वार्षिक शुल्क देना होगा। होलसेल शराब की बिक्री निजी हाथों में देने के पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि इससे राजस्व में ज्यादा वृद्धि हो

25 लाख रुपए लगेगा थोक बिक्री लाइसेंस के लिए आवेदन शुल्क, जो वापस नहीं किया जाएगा। पाएगी।

50 लाख रुपए बड़े जिलों के लिए तो छोटे जिलों के लिए 10 लाख रुपए सिक्योरिटी मनी तय किया गया है।

बड़े जिलों का वार्षिक शुल्क एक करोड़, 5 वर्ष का एक मुश्त लगेगा प्रस्ताव के अनुसार, शराब के थोक बिक्री लाइसेंस के लिए आवेदक को पांच साल का वार्षिक शुल्क एक बार में जमा करना होगा। जैसे रांची, धनबाद और जमशेदपुर में अगर वार्षिक शुल्क एक करोड़ रुपए है, पांच-पांच करोड़ रुपए जमा करने होंगे। जिन जिलों का 50 लाख रु. वार्षिक शुल्क तय किया गया है, वहां ढाई करोड़ और जिन जिलों में 30 लाख शुल्क होगा, वहां 1.5 करोड़ रुपए जमा करने होंगे।

अलग से देना होगा सिक्योरिटी मनी
लाइसेंस धारियों को वार्षिक शुल्क के अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी भी देना पड़ेगा। विभिन्न जिलों के लिए सिक्योरिटी मनी तय किया गया है। बड़े जिलों के लिए अधिकतम 50 लाख और छोटे जिलों में कम से कम 10 लाख रुपए देना होगा।

अलग से देना होगा सिक्योरिटी मनी
लाइसेंस धारियों को वार्षिक शुल्क के अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी भी देना पड़ेगा। विभिन्न जिलों के लिए सिक्योरिटी मनी तय किया गया है। बड़े जिलों के लिए अधिकतम 50 लाख और छोटे जिलों में कम से कम 10 लाख रुपए देना होगा।

देसी और विदेशी दोनों तरह की शराब का लाइसेंस मिलेगा

लाइसेंस लेने वाले को देसी और विदेशी दोनों तरह की शराब की थोक बिक्री का अधिकार दिया जाएगा। पूर्व में सिर्फ विदेशी शराब की बिक्री करने के लिए ही होलसेल का लाइसेंस दिया जाता था। होलसेलर को विदेशी शराब पर ढाई फीसदी और देसी शराब पर एक फीसदी कमीशन देने का प्रस्ताव रखा गया है। सभी होलसेलरों को अपना गोदाम भी रखना होगा।

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