टूल डाउन स्ट्राइक से तीनों प्लांटों में नहीं हुआ काम:एचईसी में पांचवें दिन भी उत्पादन ठप, पहली बार ऑफिसर भी हड़ताल पर गए, 4 करोड़ का नुकसान

रांची2 महीने पहले
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  • ट्रेड यूनियनों का आरोप- एचईसी को बंद करने की साजिश
  • 200 अफसरों ने मुख्यालय कैंपस में ही विरोध-प्रदर्शन किया
  • 04 करोड़ का नुकसान इन पांच दिनों में एचईसी को

सात माह से बकाया वेतन की मांग को लेकर 5वें दिन सोमवार को भी मजदूरों ने आंदोलन जारी रखा। कामगारों के आंदोलन के समर्थन में एचईसी मुख्यालय ऑफिसर्स एसोसिएशन के सदस्य भी हड़ताल पर चले गए और मुख्यालय कैंपस में ही सुबह से शाम तक विरोध-प्रदर्शन किया।

एचईसी में ऐसा पहली बार हो रहा है कि ऑफिसर्स भी स्ट्राइक कर रहे हैं। ऑफिसर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी ब्रजेश सिंह ने कहा कि ऑफिसर्स एसोसिएशन के लोग डायरेक्टर पर्सनल एसके सक्सेना और डायरेक्टर फाइनेंस अरुंधति पांडा से मिलनेे गए थे, लेकिन इन्होंने मुलाकात नहीं की। बाद में खबर भेजी गई कि डायरेक्टर मार्केटिंग राणा चक्रवर्ती बाहर गए हैं। वे मंगलवार को आएंगे, तब बात होगी।

यह भी बताया कि एचईसी प्रबंधन ने उद्योग मंत्रालय को एचईसी की वर्तमान स्थिति के बारे में सब कुछ बता दिया है और स्थिति आउट ऑफ कंट्रोल है। दूसरी तरफ, मजदूरों ने अन्य दिनों की तरह सोमवार को भी प्लांट के अंदर एक जगह जमा होकर प्रबंधन और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

काफी दिनों से चुप्पी साधे केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने भी वेतन नहीं मिलने पर विरोध जताया है। कहा कि एचईसी के पास कार्यादेश का आभाव नहीं है, लेकिन इसे बंद कर निजी हाथों में सौंपने की साजिश की जा रही है। इंटक, एटक, सीटू, एचएमएस, एक्टू, एआईयूटीयूसी और यूटीयूसी ने भी भारी उद्योग मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की है।

अब श्रमायुक्त ने की पहल
केंद्रीय क्षेत्रीय श्रमायुक्त नेे एचईसी प्रबंधन और सभी यूनियन के प्रतिनिधियों को 7 दिसंबर को वार्ता के लिए बुलाया है। यहां कमिशनर कामगारों व प्रबंधन का पक्ष सुनेंगे। वर्तमान टूल-डाउन स्ट्राइक पर चर्चा होगी। सभी अपनी बातें रखेंगे।

प्रबंधन से मिले हुए श्रमिक संगठन
कामगारों का आरोप है कि उनके आंदोलन को श्रमिक संगठन खुल कर साथ नहीं दे रहे हैं। जबकि, एचईसी में सात श्रमिक संगठन खुद को सक्रिय बताते हैं। सभी ने कर्मचारियों को उनकी स्थिति पर छोड़ दिया है।आरोप लगाया कि श्रमिक संगठन के पदाधिकारी प्रबंधन के साथ मिले हुए हैं।

कई अधिकारियों को बैकडोर से मिला पे-एडवांस, इसकी जांच हो : कामगार
कई कामगारों ने कहा कि इस समय प्रबंधन के तीनों डायरेक्टर्स मेें सामंजस्य की कमी है। कई प्रोजेक्ट के काम होने पर पिछले 6 माह में 160 करोड़ रुपए आए। वेतन मद के लिए एक भी पैसा नहीं रखा। सोंच-समझकर कोई भी निर्णय नहीं लिया। कामगारों को बरगलाया जा रहा है। कामगारों का कहना है कई अफसरों को बैकडोर से पे-एडवांस दिया गया है, इसकी जांच करा कर स्थिति स्पष्ट की जाए। सिर्फ कामगार ही क्यों भुगतें।

अफसर बोले- प्रबंधन अपना प्लान बताए
हड़ताल पर गए एचईसी मुख्यालय के अफसरों ने कहा कि प्रबंधन पारदर्शिता नहीं बरत रहा है। उसे बातचीत कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कंपनी को चलाने का उसके पास क्या प्लान है बताए, कामगार व अफसर सहयोग के लिए तैयार हैं।

बैठक में शामिल नहीं होेंगे: राणा संग्राम
हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन की बैठक सोमवार को हुई। बैठक में यूनियन के महामंत्री सह इंटक के राष्ट्रीय सचिव राणा संग्राम सिंह ने कहा कि 25 दिसंबर से पूर्व एचईसी कर्मियों के वेतन का भुगतान जरूर हो जाना चाहिए। कहा कि श्रमायुक्त की बैठक में उनकी यूनियन शामिल नहीं होगी।

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