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नए राज्यपाल:रमेश बैस झारखंड के राज्यपाल, हिंदीभाषी, ओबीसी व पड़ाेसी राज्य के हाेने के कारण त्रिपुरा से भेजे गए

रांची2 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू का झारखंड में सबसे ज्यादा 6 साल 1 माह का कार्यकाल रहा

राष्ट्रपति रामनाथ काेविंद ने मंगलवार काे आठ राज्यपालाें की नियुक्ति की। त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस झारखंड के राज्यपाल बनाए गए हैं। वे राज्य के 10वें राज्यपाल हाेंगे। वे मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रायपुर के हैं। हिंदीभाषी, ओबीसी और पड़ाेसी राज्य के हाेने के कारण उन्हें त्रिपुरा से झारखंड भेजा गया है। निवर्तमान राज्यपाल द्राैपदी मुर्मू का कार्यकाल 17 मई 2020 काे ही पूरा हाे गया था।

द्राैपदी मुर्मू ने 18 मई 2015 काे झारखंड के राज्यपाल की शपथ ली थी। वे यहां सबसे अधिक 6 साल एक माह और 19 दिन तक राज्यपाल रहीं। दैनिक भास्कर ने रमेश बैस से उनके रायपुर आवास पर बातचीत की। गैर भाजपा शासित झारखंड की चुनाैतियाें से जुड़े सवाल पर उन्हाेंने कहा-राज्यपाल की जाे भूमिका हाेती है, उसमें मुझे नहीं लगता कि काेई समस्या अाएगी। मुख्यमंत्री के साथ बैठकर काम करेंगे।

सात बार रायपुर के सांसद रहे रमेश बैस

2 अगस्त 1948 को रायपुर में पैदा हुए रमेश बैस 1989 में पहली बार चुनकर संसद पहुंचे थे। वे सात बार रायपुर से सांसद रहे। 1989 से लगातार 2019 तक रायपुर का प्रतिनिधित्व करते रहे। अटल विहारी वाजपेयी की सरकार में बैस खान व स्टील, वन एवं पर्यावरण और सूचना प्रसारण विभागों के राज्य मंत्री का दायित्व निभा चुके हैं। 2014 से पहले तक वे लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक रहे। 2019 में भाजपा ने टिकट नहीं दिया था। बाद में जुलाई 2019 में केंद्र सरकार ने इन्हें त्रिपुरा का राज्यपाल बनाया था।

सीएम बाेले- राज्य को बेहतर दिशा मिलेगी

झारखंड में नए राज्यपाल की नियुक्ति के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड को नया राज्यपाल दिया है। मुझे उम्मीद है कि नए राज्यपाल रमेश बैस राज्य को बेहतर दिशा देने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

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