झारखंड में तीसरी लहर की तैयारी:रांची सदर अस्पताल में 51 बेड का PICU वार्ड शुरू, हेल्थ मिनिस्टर ने 5 मिनट की पूजा के बाद किया उद्घाटन

रांची6 महीने पहले
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झारखंड में कोरोना की तीसरी लहर से बचाव की तैयारी तेज कर दी गई है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि ये बच्चों के लिए सबसे ज्यादा घातक होगी। इसे ध्यान में रखते हुए सभी जिलों में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। इसी के मद्देनजर मंगलवार को सदर अस्पताल, रांची में पिडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) वार्ड का उद्घाटन हुआ।

राज्य के हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता ने 5 मिनट की पूजा और मन्त्रोच्चार के बीच इसका उद्घाटन किया। उन्होंने वार्ड भ्रमण कर यहां की तैयारियों का जायजा भी लिया। इस दौरान राज्य अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अरुण कुमार सिंह और सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार ने वार्ड की सुविधाओं की जानकारी मंत्री को दी।

वार्ड के उद्घाटन से पहले हेल्थ मिनिस्टर ने विधिवत पूजा की। इसके बाद इन्होंने फीता काटकर वार्ड का उद्घाटन किया।
वार्ड के उद्घाटन से पहले हेल्थ मिनिस्टर ने विधिवत पूजा की। इसके बाद इन्होंने फीता काटकर वार्ड का उद्घाटन किया।

जानिए वार्ड में क्या है खास

यहां बच्चों के लिए लगभग 90 बेड तैयार किए गए हैं। इनमें 27 बेड के PICU के साथ 24 बेड के HDU की भी सुविधा है। PICU के सभी बेड में वेंटिलेटर, HFNC, बाईपैप मशीन लगाई गई हैं। ताकि इमरजेंसी के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। सभी बेड अत्याधुनिक मशीनों से लैस हैं। इसके अलावा 40 सामान्य बेड भी बच्चों के लिए तैयार किए गए हैं। बच्चों को यहां इंटेंसिव केयर सपोर्ट हाई फ्लो ऑक्सीजन के साथ मिल सके ऐसी भी व्यवस्था की गई है।

जल्दी रिकवरी के लिए दीवारों पर कार्टून, प्ले ग्राउंड भी

बच्चों की जल्दी रिकवरी और उनके मनोरंजन की व्यवस्था भी यहां की गई है। यहां संक्रमित बच्चे पहुंचेंगे तो आकर्षक वॉल पेंटिंग-कार्टून, प्ले ग्राउंड भी उन्हें यहां मिलेगा। डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम को-ऑडिनेटर आशीष रंजन के अनुसार बच्चों की जल्द रिकवर करने में मदद करेंगे।

जिले के हेल्थ वर्कर्स को दी गई है ट्रेनिंग

जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मियों को पीडियाट्रिक वार्ड और ICU में कैसे इलाज करना है, बच्चे की स्थिति गंभीर होने पर उसे नर्सिंग ट्रिटमेंट किस तरह दिया जा सके, इन सभी चीजों को लेकर ट्रेनिंग दी गई है। इन्हें रानी चिल्ड्रन अस्पताल और RIMS के एक्सपर्ट डॉक्टर की टीम ने ट्रेनिंग दी है। बच्चों के इलाज के लिए RIMS को राज्य भर के अस्पतालों के लिए सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनाया गया है।

(फोटो और इनपुट-अमन मिश्रा )