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  • Hemant Soren | Ranchi Coronavirus Updates: Narendra Modi Govt To Jharkhand Hemant Soren Govt; Releases Rs 602 Crore To MGNREGA Workers

कोरोना से जंग:केंद्र सरकार ने झारखंड को मनरेगा मजदूरी के लिए दिए 602 करोड़, मनरेगा मजदूरों के खाते में राज्य सरकार ने डाले 158 करोड़ रुपए

रांचीएक वर्ष पहले
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यह निर्देश दिया गया है कि पूर्व में बकाया राशि जो मजदूरी मद में 158 करोड़ है। उसे भुगतान जल्द से जल्द कर दिया जाए। - Dainik Bhaskar
यह निर्देश दिया गया है कि पूर्व में बकाया राशि जो मजदूरी मद में 158 करोड़ है। उसे भुगतान जल्द से जल्द कर दिया जाए।
  • झारखंड के मनरेगा मजदूरों की मजदूरी मद में दो माह का 158 करोड़ रुपया बकाया था

कोविड-19 जैसे वैश्विक महामारी के दौरान कोई भूखा न रहे। इसके लिए सरकार प्रयासरत है। सरकार के स्तर पर न सिर्फ बाहर से आए लोगों बल्कि मनरेगा के तहत काम कर रहे मजदूरों का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है। यही कारण है कि सरकार ने उनके खाते में मजदूरी के रूप में 158 करोड़ रुपए डाल दिए हैं। झारखंड के मनरेगा मजदूरों की मजदूरी मद में दो माह का 158 करोड़ रुपया बकाया था। राज्य सरकार की ओर से इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा था। यह राशि अब तक झारखंड को नहीं मिली थी।  हालांकि केंद्र सरकार ने इस वित्तीय वर्ष की पहली किस्त रिलीज कर दी है। मजदूरी मद में 602 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। यह निर्देश दिया गया है कि पूर्व में बकाया राशि जो मजदूरी मद में 158 करोड़ है। उसे भुगतान जल्द से जल्द कर दिया जाए। जिसके आलोक में सोमवार को सभी मजदूरों के खाते में पैसे डाल दिया गया। आज बकाया राशि का भुगतान कर दिया गया। केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 171 रुपए से बढ़ाकर 194 रुपए कर दी है। इसके बाद झारखंड सरकार ने मनरेगा योजना के क्रियान्वयन के संबंध में निर्देश दिए।  कोविड-19 महामारी के संभावित प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया गया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कतिपय शर्तों के अधीन मनरेगा कार्यों के संचालन के लिए निर्देश दिए हैं। इसके तहत राज्य के ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जिलों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। कहा गया है कि वैसे मजदूर जिनके पास जॉब कार्ड नहीं है और मनरेगा योजना के तहत कार्य करने को इच्छुक हैं, को अविलंब जॉबकार्ड निर्गत किया जाय। यह भी कहा गया है कि सिर्फ व्यक्तिगत योजनाओं पर ही कार्य कराया जाय। जहां एक साथ 5 से कम मजदूर ही कार्य कर सकें।  सभी मजदूरों को एक-दूसरे से कम से कम दो मीटर की दूरी बनाकर कार्य करने हेतु निर्देशित किया जाएगा। मनरेगा दिशा-निर्देश के अनुरूप कार्यस्थल पर वर्क साइट फैसिलिटी उपलब्ध होना चाहिए। इसके साथ ही कार्यस्थल पर सेनेटाइजेशन के लिए साबुन या हैंड वाश एवं पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होना चाहिए। कार्यस्थल पर अनौपचारिक भीड़ नहीं होनी चाहिए। बीमार व्यक्ति, 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति को कार्य में नहीं लगाया जाए। वैसे व्यक्ति जो पिछले 15 दिनों में दूसरे राज्य या जिला से वापस लौटे हैं, उनके नाम से मस्टररोल का सृजन न किया जाय तथा उन्हें नजदीकी आइसोलेनशन केंद्र में रखा जाए। इसके साथ ही व्यक्तिगत योजना में मुख्यत: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्माणाधीन आवास, पूर्व से चालू पशु-शेड की योजना, नाड़ेप कम्पोस्ट पिट्स, बागवानी से सबंधित कार्य (व्यक्तिगत योजना), जल संरक्षण की योजना आदि पर कार्य कराया जा सकता है।

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