रांची में मॉब लिंचिंग केस:ट्रक चोरी नहीं आपसी विवाद के कारण सचिन की हुई है हत्या; ट्रक चोरी का केस तक नहीं है दर्ज, मालिक भी है फरार

रांची2 वर्ष पहले
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रविवार की रात अपर बाजार के स्थानीय मोटिया मजदूर ने 22 साल के सचिन कुमार वर्मा की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। - Dainik Bhaskar
रविवार की रात अपर बाजार के स्थानीय मोटिया मजदूर ने 22 साल के सचिन कुमार वर्मा की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी।

रांची में हुई मॉब लिंचिंग की घटना में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब केस ने एक नया मोड़ ले लिया है। जिस ट्रक चोरी के मामले को लेकर मृतक सचिन को मारने की बात कही जा रही है उस ट्रक के चोरी का आज तक कोई मामला ही किसी थाने में दर्ज नहीं किया गया है।

कोतवाली DSP ने बताया कि अभी तक इस तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि ट्रक के मालिक मनोज साव और सचिन के बीच आपसी विवाद की बात भी सामने आ रही है। घटना का मुख्य साजिशकर्ता भी उसे ही माना जा रहा है।घटना के बाद से वह लगातार फरार है। कोतवाली थाने की टीम आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है।

गाड़ी की पार्किंग को लेकर हुआ था विवाद
आरोपित गाड़ी मालिक मनोज साव और सचिन कुमार के बीच गाड़ी पार्क करने को लेकर घटना से 4 दिन पहले विवाद हुआ था। मनोज उसके घर के सामने वाली सड़क पर अपनी गाड़ी लगाया करता था। सचिन इसका हमेशा से विरोध करता था। घटना से चार दिन पहले इसी बात को लेकर सचिन और मनोज के बीच विवाद हुआ था। उसी दिन सचिन ने उसे उसकी गाड़ी गायब करने की धमकी दी थी।

गाड़ी चोरी की झूठी कहानी रचकर सचिन को पकड़ा था
गिरफ्तार आरोपित अखलदेव ने बताया कि सत्येंद्र राय, बिट्टू राय, इंद्रजीत, मंतोष, शिवनाथ, शकील राय समेत अन्य ने 7 मार्च की रात 12 से एक बजे के बीच में गाड़ी चोरी होने की झूठी कहानी गढ़ कर सचिन को नील रतन स्ट्रीट के पास से पकड़ लिया। इसके बाद उसे मंदिर कैंपस में ले गए, जहां रस्सी से बांधकर कमरे में रखा गया और पीटा गया। पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के नामों का भी खुलासा किया है।

रविवार की रात हुई थी घटना, 40 लोगों पर दर्ज है केस
रविवार की रात अपर बाजार के स्थानीय मोटिया मजदूर ने 22 साल के सचिन कुमार वर्मा की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं उसके पूरे शरीर में गर्म लोहे के रॉड से दागने का भी निशान है। सचिन वह नवाटोली भुताहा तालाब के पास का रहने वाला था। परिवार के दबाव पर 40 लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया गया है।