रिनपास को हाई कोर्ट का नोटिस:दवा की खरीदारी के टेंडर में की जा रही है गड़बड़ी, राज्य सरकार को भी 18 नवंबर तक रखना है अपना पक्ष

रांचीएक महीने पहले
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सुनवाई के दौरान अधिवक्ता पांडेय नीरज राय ने अदालत को बताया कि टेंडर की शर्तों में सभी को दस टैबलेट का मूल्य देना था। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता पांडेय नीरज राय ने अदालत को बताया कि टेंडर की शर्तों में सभी को दस टैबलेट का मूल्य देना था। (फाइल फोटो)

रिनपास में दवा खरीदारी टेंडर में अनियमितता मामले को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य सरकार और रिनपास को नोटिस जारी करते हुए 18 नवंबर तक इस पर जवाब मांगा है।

इसके साथ ही टेंडर पाने वाली कंपनी क्यूरोफाइ फार्मास्यूटिकल को भी ई-मेल के जरिए नोटिस भेजने का निर्देश दिया गया है। दरअसल रिनपास में करीब चार से पांच करोड़ रुपये की दवा खरीदी जानी है। इस मामले में टेंडर की शर्तों का उल्लंघन कर ज्यादा दाम पर दवा खरीद का आरोप लगाते हुए सीएल लैब और सिटी फार्मा ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता पांडेय नीरज राय ने अदालत को बताया कि टेंडर की शर्तों में सभी को दस टैबलेट का मूल्य देना था।

27% अधिक दाम पर दवा खरीदा जा रही है
सभी ने ऐसा किया, लेकिन क्यूरोफाइ फार्मास्यूटिकल ने एक टैबलेट का दाम कोट किया। जिसके बाद टेंडर समिति ने सभी कंपनियों की ओर से दवा के मूल्यों का दस गुणा कर एक चार्ट तैयार किया। चार्ट में पाया कि सभी कंपनियों की ओर से दस टैबलेट का ही मूल्य दिया गया है जबकि क्यूरोफाइ फार्मास्यूटिकल ने मात्र एक टैबलेट का मूल्य कोट किया था। ऐसा करने की वजह से करीब 27 प्रतिशत ज्यादा मूल्य पर दवा खरीदी जा रही है।