झारखंड कांग्रेस के 3 विधायकों से भारी कैश जब्त:हावड़ा जा रहे थे, JMM महासचिव ने किया था दावा- कई विधायक संपर्क में

रांची4 महीने पहले

कोलकाता पुलिस ने शनिवार रात हावड़ा में झारखंड कांग्रेस के तीन विधायकों की गाड़ी से भारी संख्या में नोटों के बंडल बरामद किए हैं। तीनों झारखंड से पश्चिम बंगाल की ओर जा रहे थे। चेकिंग के दौरान इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगारी और राजेश कच्छप की गाड़ी को पांचला थाना क्षेत्र के रानीहाटी मोड़ के पास रोका गया। गाड़ी से भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया। कैश कितना है इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है।

तीनों विधायकों को हावड़ा पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इरफान अंसारी जामताड़ा के विधायक हैं, नमन विक्सल कोंगारी सिमडेगा के कोलेबिरा और राजेश कच्छप रांची जिला के खिजड़ी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।

फॉर्च्यूनर से कैश इतना ज्यादा मिला है कि इसे गिनने के लिए मशीन मंगवानी पड़ी।
फॉर्च्यूनर से कैश इतना ज्यादा मिला है कि इसे गिनने के लिए मशीन मंगवानी पड़ी।

कैश की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक स्वाति भंगालिया मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि मुखबिर की सूचना पर रानीहाटी मोड़ पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया था। एक गाड़ी को रोका गया। गाड़ी में ड्राइवर सहित 5 लोग सवार थे, जिसमें झारखंड के तीन कांग्रेसी विधायक राजेश कच्छप, नमन विक्सल कोंगाड़ी और इरफान अंसारी भी थे।

स्वाति भंगालिया ने बताया कि हमने इन तीनों विधायकों को भारी मात्रा में कैश के साथ पकड़ा है। काउंटिंग मशीन आने के बाद ही पैसों की गिनती कर पाएंगे।

विवादों से पुराना नाता है इरफान का
इरफान के पिता फुरकान अंसारी पुराने कांग्रेसी नेता हैं। जामताड़ा के इलाके में अल्पसंख्यकों के बीच दोनों पिता-पुत्र की अच्छी पैठ है। इरफान पहली पर 2014 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने और दोबारा 2019 में। वो अक्सर अपने बयानों को लेकर विवादों में भी रहते हैं। पिछले दिनों जामताड़ा में अल्पसंख्यक इलाकों में सरकारी स्कूल को शुक्रवार के दिन बंद रखने और रविवार को खुलने को लेकर भी विवादों में आए थे।

वहीं, कोलेबिरा से नमन विक्सेल कोंगाड़ी पहली बार 2019 में कांग्रेस के टिकट से विधायक बने हैं। उन्होंने निर्दलीय विधायक एनोस एक्का को हराकर जीत दर्ज की थी।

हिरासत में लिए गए तीसरे विधायक राजेश कच्छप भी पहली बार कांग्रेस के टिकट से राजधानी की खिजरी विधानसभा सीट पर चुनाव जीता था। उन्होंने बीजेपी के राम कुमार पाहन को पांच हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी।

दरअसल, 25 जुलाई को झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने दावा किया कि विधायकों का एक समूह उनकी पार्टी के संपर्क में है, जिनकी संख्या लगभग 16 के आसपास है और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी उनके प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहा है। हालांकि उन्होंने बीजेपी विधायकों की चर्चा की लेकिन इससे भी इंकार नहीं किया कि अन्य दलों के विधायक भी उन बीजेपी विधायकों के साथ हो सकते हैं।

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