लॉकडाउन में सुरक्षित नहीं बेटियां / 65 दिनों में 31 नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म, 80 प्रतिशत मामलों में परिचित ही आरोपी

Rape of 31 minor girls in 65 days, accused in 80 percent of cases
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Rape of 31 minor girls in 65 days, accused in 80 percent of cases

  • रांची में बढ़ी नाबालिग लड़कियों से ज्यादती, अधिकतर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के घरों की बच्चियां हो रहीं शिकार
  • लॉकडाउन से पहले हर माह 8 से 10 मामले आए

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 06:59 AM IST

रांची. लॉकडाउन के दौरान रांची जिले में नाबालिगों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ गईं। सामान्य दिनों में जहां हर चार दिन पर एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना होती थी, वहीं लॉकडाउन के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर हर ढाई दिन पर एक पहुंच गया। नाबालिगों को दुष्कर्म का शिकार सबसे अधिक उसे जानने वालों ने ही बनाया। जिन बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटना हुई, उनमें अधिकांश आर्थिक रूप से काफी कमजोर वर्ग की थीं। इनके साथ दुष्कर्म करने वाला कोई परिचित निकला, तो कोई मुहल्ले, तो कोई गांव का। लगातार चार लॉकडाउन 23 मार्च से 31 मई तक चले। इस दौरान रांची जिले में सिर्फ नाबालिगों के साथ दुष्कर्म होने के 31 मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हुए। जबकि सामान्य दिनों में लॉकडाउन से पहले भी नाबालिगों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुईं, लेकिन महीने में आठ से दस मामले ही हुए।

सामान्य दिनों में 4 दिन पर एक घटना होती थी, लॉकडाउन में प्रत्येक ढाई दिन में एक नाबालिग से किया गया दुष्कर्म 
केस-01- रातू थाना क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग से काठीटांड़ में एक युवक ने दोस्ती की। उसे अपना फोन नंबर दिया। फिर उससे बातचीत शुरू की। लॉकडाउन के दौरान आठ मई को उसने फोन कर नाबालिग को गैस दिलवाने के बहाने बुलाया। लेकिन उसे गैस दिलवाने की जगह अपने दोस्त के घर ले गया और दुष्कर्म किया। धमकी भी दी कि किसी को बताया तो परिणाम अच्छा नहीं होगा। बाद में पता चला कि वह शादीशुदा है। फिर अपनी पत्नी के साथ नाबालिग के घर आकर मारपीट भी की। 
केस-02- सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक नाबालिग लॉकडाउन के दौरान 27 अप्रैल की रात में शौच करने निकली थी। उसी दौरान मुहल्ले के ही तीन युवकों ने उसे रोका। एक ने कहा कि चलो तुमसे कुछ बात करनी है। जब नाबालिग ने मना किया, तो एक ने मुंह दबा कर उसे उठा लिया। फिर जबरन उसे कांके डैम की ओर ले गए और उसके साथ तीनों ने सामूहिक दुष्कर्म किया।

केस-03- अनगड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग को वहीं के रहने वाले दो युवक 21 मई को जंगल की ओर ले गए, उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर दोनों ने उसे धमकी भी दी कि अगर किसी को इस बारे में बताया तो जान से मार देंगे। डरी-सहमी नाबालिग ने कई दिन बाद इसकी जानकारी अपनी मां को दी, तब थाने में मामला दर्ज हुआ।   
ये हैं दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ने के प्रमुख कारण
बेरोजगारी बढ़ने से लोगों का घरों में रहना व लापरवाह हो जाना।
आर्थिक रूप से परिवार के कमजोर होने के कारण नाबालिग बच्चियों पर नजर नहीं रख पाना।
जानकारों ने इसलिए बहला फुसला कर दुष्कर्म किया, क्योंकि वे जानते थे कि धमकी देने पर बच्चियां डर जाएंगी।

आपदा में बढ़ जाती हैं रेप की घटनाएं 

आपदा के समय दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ जाती हैं। जानने वाले लोग ही ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। इससे पहले भी जहां आपदाएं आई हैं, ऐसी घटनाओं में अचानक इजाफा हुआ है। इसका कारण है लोग बेरोजगार हो जाते हैं। उनके पास काम नहीं होता। नाबालिग उनके आसपास रहती है। विकृत मानसिकता के लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम देने लगते हैं। ऐसे मामलों में थाना पोक्सो की धारा-6 भी लगाए, ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। 
- जावेद रव्वानी, अधिवक्ता, पोक्सो मामलो के जानकार 

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