मुख्यमंत्री ने की समीक्षा:कहा- उच्च शिक्षा के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करें, अड़चनें दूर कर कॉलेजों में रिक्त पद शीघ्र भरें

रांची5 महीने पहले
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नियुक्तियों में आनेवाली सभी अड़चनों को दूर करें। विभिन्न कॉलेजों में रिक्त पदों को शीघ्र भरें। सीएम ने गुरुवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्ययोजना बनाएं। यह सुनिश्चित करें कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। समीक्षा के दौरान सीएम ने विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल को कहा कि वे राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए वहां के कुलपति के साथ बैठक करें तथा नियुक्ति में आ रही दिक्कतों को दूर करें।

कॉलेज में शिक्षकों के अभाव के कारण छात्रों की शिक्षा में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। सीएम ने कॉलेजों के पुस्तकालयों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन कॉलेजों में लाइब्रेरी की स्थिति ठीक नहीं है, उन्हें ठीक करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, सीएम के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, विनय कुमार चौबे, उच्च शिक्षा निदेशक ए. मुथुकुमार आदि थे।

7 विवि के कॉलेजों में 2000 से अधिक पद खाली

मालूम हो कि झारखंड गठन के बाद मात्र एक बार ही नियुक्ति हुई है। वर्ष 2008 तक राज्य के सात विश्वविद्यालयों के कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों के 1,118 पद खाली थे, जो अब और बढ़ कर 2000 से अधिक हो गए हैं। वर्ष 2008 के आंकड़े को मानें, तो रांची विश्वविद्यालय में 270, विनोबा भावे विश्वविद्यालय में 155 सिदो-कान्हो विश्वविद्यालय में 188, नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय में 161 और कोल्हान विश्वविद्यालय में 364 सहायक प्राध्यापक के पद खाली थे। इनमें 552 पद सीधी और 556 पर बैकलॉग नियुक्ति की जानी थी। इन पदों पर नियुक्ति को लेकर जेपीएससी को बार-बार विश्वविद्यालयों की ओर से अवगत कराया जा रहा है। वर्ष 2021 में नियुक्तियों को लेकर तैयारी भी हो रही है।

पीपीपी मोड में खुले संस्थानों में राज्य के बच्चों को प्राथमिकता मिले : मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य में पीपीपी मोड में स्थापित होनेवाले शिक्षण संस्थानों और विवि में झारखंड के बच्चे अधिक से अधिक नामांकन ले सकें, इसका ख्याल रखें। सीएम ने इन संस्थानों के कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों को सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। प्राइवेट कॉलेजों के लिए जमीन और भवन के बारे में भी जानकारी ली।

झारखंड एजुकेशन ग्रिड का प्रेजेंटेशन देखा : सीएम निर्माणाधीन महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक संस्थानों, महिला कॉलेजों की स्थापना संबंधी परियोजनाओं से भी अवगत हुए। विभागीय अधिकारियों ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए झारखंड एजुकेशन ग्रिड का प्रेजेंटेशन दिया।

अगले 25 साल के विजन पर हो रहा राज्य में विकास का काम : हेमंत सोरेन

कहा- मीडिया को हटाकर व्यवस्था की परिकल्पना नहीं की जा सकती

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि अगले 25 साल के बाद कैसा हो झारखंड, इसको फोकस कर राज्य सरकार काम कर रही है। विकास की योजनाएं उसी ढंग से बनाई जा रही हैं। उन्होंने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास परिसर में मीडिया हाउसों के संपादकों एवं वरिष्ठ पत्रकारों से विकास और राज्य के कई अन्य विषयों को लेकर अनौपचारिक बातचीत की। उन्होंने कहा कि वे ऐसा विकास चाहते हैं जो आने वाली पीढ़ी के लिए कारगर हो। कहा कि 25 वर्ष के बाद कांके रोड की क्या स्थिति होगी, मोरहाबादी मैदान पर और कितना दबाव पड़ेगा, इसको ध्यान में रख कर कार्य योजना तय करनी होगी। कहा, राज्य का बेहतर सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है, वे केवल राजनीतिक लाभ सोचकर सत्ता में नहीं आए हैं। अभी विकास की लंबी दूरी तय करनी है।

उन्होंने मीडिया की चर्चा करते हुए कहा कि यह ऐसा स्तंभ है, जिसको हटाकर व्यवस्था की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। मीडिया एवं सरकार के बीच ब्रिज बनाने के लिए इस तरह की मुलाकात कारगर साबित होगी। सरकार द्वारा चलाई जा रही जनहित के योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने में सहयोग मिलेगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, सीएम के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, शशि प्रकाश सिंह, पीसीसीएफ प्रियेश वर्मा, सुनील श्रीवास्तव, सीएम के मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद पिंटू एवं शालिनी वर्मा भी मौजूद थे।

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