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हाईकोर्ट का आदेश:अपर बाजार में अवैध बने 50 से अधिक भवनों में चल रहीं दुकानें...आज से जांच

रांची10 महीने पहले
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रंगरेज गली अपर बाजार, रांची - Dainik Bhaskar
रंगरेज गली अपर बाजार, रांची
  • 10 अगस्त तक सभी घर, दुकान और सड़क का होगा सर्वे
  • नक्शा नहीं दिखाने या जांच में सहयोग नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज होगी
  • 1.5 लाख राजधानी में ऐसे भवन जिनका नक्शा पास नहीं

राजधानी में अवैध निर्माण का जाल बिछ गया है। शहर में डेढ़ लाख से अधिक भवन ऐसे हैं, जिसका नक्शा पास नहीं है। लेकिन सबसे खराब स्थिति अपर बाजार क्षेत्र की है, जहां अवैध तरीके से 10 से 12 फीट की गली में पांच-छह मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग खड़ी कर दी गई है।

50 से अधिक भवन ऐसे हैं, जहां कई दुकानें अवैध तरीके से बना ली गई हैं। यहां तक कि बेसमेंट में भी दुकानें खोल दी गई हैं। कई स्थानों पर नालियों का अतिक्रमण कर दुकान बना लिया गया है। इसे हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए नगर निगम को अपर बाजार की सभी भवनों की जांच का आदेश दिया है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर आयुक्त मनोज कुमार ने अपर बाजार में स्थित सभी भवनों, सड़क के सर्वे के लिए एक टीम का गठन किया है, जो 15 जुलाई से 10 अगस्त तक अपर बाजार के सभी घर, दुकान, सड़क का सर्वे करेगी।

इस दौरान भवन मालिक व किराएदार को स्वीकृत भवन का नक्शा की कॉपी उपलब्ध कराने और जांच टीम को सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। नक्शा उपलब्ध नहीं कराने या जांच में सहयोग नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। 

हाईकोर्ट की फटकार पर टूटती है अफसरों की नींद...नोटिस का खेल खेलकर बंद हो जाती है फाइल

अवैध निर्माण से संबंधित मामले पर हाईकोर्ट जब-जब अफसरों को फटकार लगाता है, तभी अफसरों की नींद टूटती है। लेकिन कार्रवाई के नाम पर नोटिस और लेन-देन करके मामला रफा-दफा कर दिया जाता है। अपर बाजार के मामले में भी ऐसा ही हुआ है।

झारखंड हाईकोर्ट ने अपर बाजार में बेसमेंट में चल रही दुकानों की सूची नगर निगम से 2 वर्ष पहले ही मांगी थी। लेकिन निगम के इंजीनियरों को मात्र 12 ही ऐसे भवन मिले, जहां बेसमेंट में दुकानें चल रही थीं। इनके खिलाफ अवैध निर्माण का केस दर्ज करते हुए सिर्फ नोटिस-नोटिस खेल रहे हैं। किसी पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई। 

नोटिस दे निगम ने की खानापूर्ति

अलका ज्वेलर्स पहनावा बिल्डिंग मोदी संस बालाजी टॉवर कामधेनु बिल्डिंग मुरारका स्टोर बीणा वस्त्रालय मोदी कलेक्शन विजय कु. एंड ब्रदर्स रंगीला वस्त्रालय आरएन कॉन्प्लेक्स संतोष सरावगी

परेशानी इसलिए 1 क्योंकि 10 से 12 फीट की गली में बना दी 5-6 मंजिला बिल्डिंग  2 रंगरेज गली, सोनार पट्टी, जेजे रोड, महावीर चौक रोड, जालान रोड आदि में पैदल चलना भी मुश्किल 3 कभी किसी भवन में आग लग जाए तो वहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती

हाईकोर्ट का आदेश भी दरकिनार...अफसर-बिल्डरों के मेल से बिछा अवैध निर्माण का जाल 

नगर निगम के अफसर हाईकोर्ट का आदेश भी नहीं मानते हैं। 2011 में तत्कालीन चीफ जस्टिस भगवती प्रसाद ने अवैध निर्माण पर शहर के सभी भवनों की जांच करने का आदेश सरकार को दिया था। उन्होंने आरआरडीए द्वारा पास किए गए करीब 1500 बहुमंजिला भवनों के नक्शा की सीबीआई जांच का आदेश दिया था, लेकिन किसी भवन पर कार्रवाई नहीं हुई। इसका असर हुआ कि अफसर और बिल्डरों की गठजोड़ से शहर में अवैध निर्माण का जाल बिछ गया। 

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