जांच में मिली गड़बड़ी:मिल्क केक में स्टार्च, रिफाइन में लड्डू बनाकर देसी घी का बता बेच रहे थे 500 रु किलो

रांची2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
गड़बड़ी पकड़ी गई... होटल में मिठाइयों की जांच करती प्रशासन की टीम। - Dainik Bhaskar
गड़बड़ी पकड़ी गई... होटल में मिठाइयों की जांच करती प्रशासन की टीम।
  • 10 हजार क्विंटल मिलावटी लड्डू, 50 हजार क्विंटल मिठाई-पनीर खपा, तो शुरू हुई मिलावट की जांच

दिवाली के मौके पर राजधानी के बाजार में 10 हजार क्विंटल से अधिक मिलावटी लड्डू और 50 हजार क्विंटल से अधिक मिठाई व पनीर बिक गए। छोटे मिठाई दुकानों में बने लड्डू व मिठाई के साथ बड़े और नामी हाेटलाें में बिक रहे लड्डू-मिठाई भी मिलावटी हैं। कहीं कम ताे कहीं अधिक मिलावट है।

इसका खुलासा बुधवार को उस समय हुआ, जब सदर एसडीओ दीपक दूबे ने शहर के 10 हाेटल-रेस्टाेरेंट में बिक रहे मिठाइयों की जांच की। दीपावली से एक दिन पहले एसडीओ के नेतृत्व में स्टेट फूड लेबोरेट्री की टीम ने कांके राेड और बरियातू राेड के आठ हाेटल-रेस्टाेरेंट के उत्पादों की जांच की। जांच में कहीं लड्डू में कपड़ा रंगने वाला रंग मिला, ताे कहीं देसी शुद्ध घी से बने 500 रुपए प्रति किलाे बिक रहे लड्डू में रिफाइन मिला।

मिल्क केक में स्टाॅर्च-मैदा मिला, ताे पनीर और जलेबी में भी गड़बड़ी मिली। किसी के किचन में साफ-सफाई नहीं थी, ताे किसी की मिठाई के डिब्बे पर मिठाई का एक्सपायरी डेट नहीं लिखा था। एसडीओ ने ऐसे 10 मिष्ठान भंडार और हाेटल संचालकों पर 90 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। दुकानदारों को एक सप्ताह के अंदर जुर्माना देने के साथ ही खामियां दूर करने का निर्देश दिया गया है।

शुद्ध देसी घी से बने लड्डू में मिला रिफाइन
राजस्थान कनफेक्शनरी में जब टीम पहुंची, ताे पांच तरह की मिठाइयों और लड्डू की जांच की। यहां मिठाई में ताे गड़बड़ी नहीं मिली, लेकिन जिस लड्डू को शुद्ध देसी घी से बना बताकर 500 रुपए किलाे बेचा जा रहा था, उसमें रिफाइन मिला। दुकानदार ने बताया कि ग्राहकों को बता रहे हैं कि यह रिफाइन में बना है। मिठाई के डिब्बे पर बेस्ट बिफोर नहीं लिखने पर दुकानदार पर पांच हजार रुपए जुर्माना लगाया गया।

बिना लाइसेंस के चला रहा था रेस्टूरेंट

बरियातू राेड स्थित द मानसून रेस्टोरेंट में जब टीम पहुंची ताे वहां काफी गड़बड़ी मिली। रेस्टोरेंट संचालक से लाइसेंस मांगा गया ताे उसने ट्रेड लाइसेंस दिखाया। फूड लाइसेंस नहीं मिलने पर एसडीओ ने फटकार लगाई। पेड़ा की जांच में स्टार्च मिला। मिठाई और पनीर में भी गड़बड़ी मिली। एसडीओ ने जब किचन की जांच की ताे वहां भी गंदगी दिखी। गड़बड़ी देख एसडीओ ने संचालक पर 40 हजार रुपए जुर्माना लगाया।

मिल्क केक में स्टार्च, लड्डू में कपड़ा रंगनेवाला रंग मिला
कांके राेड के सावित्री मिष्ठान भंडार में जब टीम , ताे वहां काफी गड़बड़ी मिली। लड्डू की जांच की गई ताे उसमें हानिकारक रंग मिला। मिल्क केक मिठाई में जैसे ही केमिकल डाला गया, उसका रंग काला हाे गया। इसमें खोवा की जगह स्टार्च पाया गया। समोसा में भी गड़बड़ी मिली। हाेटल के कर्मचारी न ताे मास्क लगाए हुए थे न गलब्स। एेसे में हाेटल संचालक पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

मिठाई दुकान का किचन था गंदा, 15 हजार जुर्माना

एसडीओ की टीम सबसे पहले कांके राेड स्थित एक मिष्टान्न भंडार पहुंची। यहां लड्डू, मिल्क केक सहित अन्य मिठाइयों का सैंपल लेकर मौके पर ही केमिकल डालकर जांच की गई। मिठाई में मिलावट नहीं मिली, लेकिन मिठाई के डब्बे पर एक्सपायरी डेट नहीं लिखे होने पर एसडीओ ने दुकानदार को तत्काल कमी दूर करने की चेतावनी दी। इसके बाद किचन में गंदगी देखकर एसडीओ ने 15 हजार रुपए जुर्माना लगाया।

एक ही तेल में बार-बार छानी जा रही थी जलेबी
कांके राेड स्थित जलेबी जंक्शन में पहुंचते ही टीम ने जलेबी का सैंपल जांचा, तो उसमें मिलावट नहीं मिली, लेकिन जिस तेल में जलेबी छानी जा रही थी, जब उसकी जांच की गई ताे वह पूरी तरह जला हुआ मिला। दुकानदार ने बताया कि एक तेल में तीन-चार बार ही जलेबी छानी जाती है। इस पर एसडीओ ने साफ कहा कि दाे बार से अधिक तेल का इस्तेमाल नहीं कर सकते। दुकानदार पर पांच हजार रुपए जुर्माना लगाया गया।

खबरें और भी हैं...