भास्कर ब्रेकिंग:वित्त रहित शिक्षा नीति खत्म कर शिक्षकाें, कर्मचारियाें काे अब वेतनमान देने की तैयारी

रांची7 महीने पहलेलेखक: राकेश
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राज्य के वित्त रहित हाईस्कूलाें और इंटर काॅलेजाें के शिक्षकाें व कर्मचारियाें के लिए अच्छी खबर है। राज्य में वित्त रहित शिक्षा नीति खत्म कर उन्हें अनुदान की जगह वेतनमान देने की तैयारी शुरू हाे गई है। मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन की पहल पर यह कार्रवाई चल रही है। इसके लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव राजेश शर्मा ने कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के प्रधान सचिव वंदना डाडेल काे पत्र लिखा है।

इसमें कहा है कि वित्त रहित शिक्षा नीति खत्म कर इसके लिए नियमावली बनाएं। ताकि इन संस्थानाें में कार्यरत शिक्षकाें और कर्मचारियाें की सेवा सरकारी संवर्ग में करते हुए वेतनमान देने पर कार्यवाही की जाए। गाैरतलब है कि राज्य में कुल 554 वित्त रहित इंटर काॅलेज, हाईस्कूल, संस्कृत हाईस्कूल और मदरसा हैं। इनमें करीब 6000 शिक्षक और कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इंटर कॉलेजाें काे ऐसे मिलता है अनुदान

छात्र अनुदान राशि
250-500 24 लाख
500-1000 30 लाख
1000-2000 36 लाख
2000 से ऊपर 60 लाख

सीएम ने कहा था- जल्द हाेगा फैसला

विधायक दीपिका पांडेय ने विधानसभा में यह मामला उठाया था। इस पर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महताे के जवाब से विधानसभा अध्यक्ष संतुष्ट नहीं हुए। फिर विधायक प्रदीप यादव ने कहा था कि सरकार काे इस मामले में नीतिगत निर्णय लेना हाेगा। स्टीफन मरांडी ने भी कहा था कि वित्त रहित शिक्षा नीति समाज में एक काेढ़ की तरह है। इसलिए इस नीति काे खत्म किया जाए।

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि वित्त रहित संस्थानाें की समस्याओ के निराकरण के लिए प्रशासनिक आयाेग का गठन कर दिया गया है। राज्य में काेई वित्त रहित संस्थान है ताे काेई अनुदान पर काम कर रहा है। सरकार की इस पर नजर है। सभी क्षेत्राें में एकरूपता बनी रहे और सबकाे समान काम का अधिकार कैसे मिले, सरकार की यह चिंता है। इस पर सरकार बहुत जल्द फैसला लेगी।