आंकड़ों में उलझे:प्रशासन ने 22-23 को रांची में 53 संक्रमिताें की रिपोर्ट जारी की, सिविल सर्जन बता रहे 13

रांची3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कोविड मरीजों को लेकर रांची जिला प्रशासन और सिविल सर्जन के आंकड़े आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। जिला प्रशासन ने 22 अक्टूबर को स्टेशन से मिले कुल 59 संक्रमिताें में रांची के 26 होने की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट जारी कर दी। जबकि, सिविल सर्जन बता रहे हैं कि उस दिन मिले बाकी संक्रमित दूसरे राज्य व जिले के थे, रांची के सिर्फ 2 ही पॉजिटिव थे।

23 अक्टूबर को जिला प्रशासन ने रांची में 27 संक्रमिताें की पुष्टि की, पर सिविल सर्जन के अनुसार 11 पॉजिटिव ही उस दिन जिले में मिले थे। भास्कर ने शहर के प्रमुख अस्पतालों की पड़ताल की। पता लगाया कि कहां कितने संक्रमित भर्ती हैं। पता चला कि रिम्स में दो दिन में दो संक्रमित ट्रॉमा सेंटर के दूसरे तल्ले पर भर्ती हुए हैं, जबकि सोमवार को एक की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है।

बॉर्डर पर जांच बढ़ाने का निर्देश कागजों पर, न कही जांच हो रही, न मजिस्ट्रेट ही हुए तैनात

राजधानी में अचानक बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों की संख्या के बाद स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने निर्देश जारी किया था कि जिले की सीमा पर बाहर से आने वाले यात्री वाहनों की जांच की संख्या बढ़ाए। लेकिन अपर मुख्य सचिव का निर्देश सिर्फ कागजों पर ही सिमट कर ही रह गया। रांची जिले की सीमा पर बाहर से आने वाले यात्री वाहनों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं की गई।

नतीजा यह हुआ है कि बेधड़क यात्री वाहन दूसरों राज्यों से रांची में यात्री लेकर आ रहे हैं। रांची-तमाड़ सीमा पर बंगाल की ओर से आने वाले यात्री वाहन लगातार प्रवेश कर रहे हैं। हाल ही में रांची रेलवे स्टेशन पर जो यात्री कोरोना संक्रमित मिले थे, उनमें बंगाल से आने वाले यात्री ज्यादातर थे। यही हाल ओरमांझी टोल नाका पर है। यहां भी बिहार से आने वाले यात्री वाहनों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। चान्हो मांडर की ओर से भी दूसरे राज्यों से होकर आने वाले यात्री वाहनों की भी जांच नहीं की जा रही है।

खबरें और भी हैं...