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  • The Brahma Temple Of Tagore Hill Will Be Re erected With 40 Lakh Rupees, The Broken Parts Of The Summit Will Be Re installed, The Temple Will Be Lit Even At Night With The Light

विरासत को सहेजने की तैयारी:40 लाख रुपए से संवरेगा टैगोर हिल का ब्रह्म मंदिर, शिखर के टूटे हिस्से फिर से लगाए जाएंगे, रोशनी से रात में भी दमकेगा मंदिर

रांची15 दिन पहले
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टैगोर हिल ब्रह्म मंदिर का अब ऐसा होगा रूप
  • इंडियन ट्रस्ट फॉर रूरल हेरीटेज एंड डेवलपमेंट के डीपीआर को कला-संस्कृति विभाग ने दी मंजूरी

गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर के भाई ज्योतिरिंद्रनाथ टैगोर की अनूठी यादगार व पर्यटन केंद्र टैगोर हिल स्थित ब्रह्म मंदिर जल्द ही अपने पुराने रूप में लोगों को आकर्षित करेगी। 100 से भी अधिक साल पुराने इस ऐतिहासिक धरोहर की डिजाइन में बदलाव किए बगैर इसका सौंदर्यीकरण होगा। इसके तहत शिखर के टूटे हुए हिस्से को फिर से लगाया जाएगा। दो पीलर और टूटकर खराब हो चुके लाल पत्थरों को बदला जाएगा। छत की रिपेयरिंग होगी। पीछे में एक और सीढ़ी बनाई जाएगी। इससे आने और जाने के लिए दो रास्ते हो जाएंगे। वहीं इसकी आकर्षक लाइटिंग की जाएगी ताकि सैलानी रात में भी इसे निहार सकें। इस पर 40 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी इंडियन ट्रस्ट फॉर रूरल हेरीटेज एंड डेवलपमेंट (आईटीआरएचडी) को सौंपी गई है। कला एवं संस्कृति विभाग से इसके डीपीआर को मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही काम शुरू होगा।

टैगोर हिल ब्रह्म मंदिर का अब ऐसा होगा रूप

ये काम होंगे

  • पीछे के हिस्से में एक सीढ़ी बनेगी
  • शिखर के टूटे हिस्से को फिर से लगाया जाएगा
  • दो पीलर व टूटकर खराब हो चुके लाल पत्थर बदले जाएंगे
  • छत की रिपेयरिंग होगी, लाइिटंग होगी

टूट कर नीचे गिर गया था मंदिर के ऊपरी भाग (केनोपी) का डिजाइन, खंभों में भी दरारब्रह्म मंदिर के ऊपरी भाग (केनोपी) का डिजाइन टूट कर नीचे गिर गया था। खंभों में भी दरार आ गई है। मंडप का शीर्ष गुंबद दरककर कई जगह से टूट गया है। भास्कर ने 29 जून के अंक में इस मुद्दे को उठाया था। वहीं इस विरासत को बचाने के लिए कलाप्रेमियों ने भी कई बार सरकार से आग्रह किया। अब इसे सहेजने के लिए कला व संस्कृति विभाग ने कदम बढ़ाया है। समुद्र तल से 300 फीट की ऊंचाई पर स्थित टैगोर हिल की चोटी से सूर्योदय और सूर्यास्त का बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है।

ज्योतिरिंद्रनाथ ने 1908 में खरीदी थी जमीन

ज्योतिरिंद्रनाथ टैगोर संगीतज्ञ, गायक, पेंटर, कवि थे। बड़े भाई सत्येंद्रनाथ टैगोर के साथ 1905 में रांची आए। हरिहरनाथ सिंह से 1908 में 15 एकड़ 80 डिसमिल जमीन पहाड़ी के साथ खरीद ली और वहीं रहने लगे। उन्होंने पहाड़ की चोटी पर ब्रह्म मंदिर बनवाया।

क्या कहते हैं अधिकारी

26 जून 2020
26 जून 2020

छोटी जालीदार दीवारों से घेरा जाएगा

इसे लोगों से बचाने के लिए चारों ओर छोटी जालीदार दीवारों से घेरा जाएगा। आने और जाने के लिए दो रास्ते होंगे।
एसडी सिंह, झारखण्ड प्रभारी, आईटीआरएचडी
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अगले महीने से शुरू हो सकता है काम

विभागीय स्वीकृति मिल गयी है। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से मंजूरी के लिए फाइल भेजी गई है। संभावना है कि अक्टूबर में काम शुरू हो जाएगा।
दीपक शाही, निदेशक, कला-संस्कृति विभाग

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