2017 में यूजीसी ने रिसर्च के लिए बंद कर दी:विभाग ने आंध्रप्रदेश की तर्ज पर बनाया प्रस्ताव, अब सरकार बना रही स्टेट रिसर्च बोर्ड

रांची19 दिन पहलेलेखक: विनय चतुर्वेदी
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2017 में यूजीसी ने रिसर्च के लिए बंद कर दी अब सरकार बना रही स्टेट रिसर्च बोर्ड। - Dainik Bhaskar
2017 में यूजीसी ने रिसर्च के लिए बंद कर दी अब सरकार बना रही स्टेट रिसर्च बोर्ड।

वर्ष 2017 में यूजीसी ने रिसर्च के लिए फंडिंग बंद कर दिया था, अब रिसर्च बोर्ड अपने स्तर से शोध को बढ़ावा देने के लिए फंड मुहैया कराएगा। इसके लिए राज्य सरकार झारखंड स्टेट रिसर्च बोर्ड का गठन करेगी। रिसर्च के लिए सौंपे गए प्रोफेसरों और रिसर्च स्कॉलरों के प्रोजेक्ट पर बोर्ड निर्णय लेगा। रिसर्च के साथ-साथ उसे पेटेंट कराने की दिशा में भी बोर्ड काम करेगा। उल्लेखनीय है कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सभी राज्यों को अपने-अपने यहां शोध को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च बोर्ड बनाने हैं।

कतिपय राज्य इस दिशा में काफी आगे बढ़ चुके हैं। झारखंड ने भी अब पूरी तैयारी कर ली है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने आंध्र प्रदेश में बने रिसर्च बोर्ड की तर्ज पर प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे मंजूरी के लिए विभागीय मंत्री सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजा जाएगा। बोर्ड में डायरेक्टर के अलावा सात अन्य महत्वपूर्ण सदस्य होंगे।

झारखंड के विश्वविद्यालयों के अलावा दूसरे राज्यों के यूनिवर्सिटी के कुलपति भी इसके सदस्य बनाए जाएंगे। यह बोर्ड उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंडर काम करेगा। नैक की ग्रेडिंग में पिछड़ रहे राज्य के विश्वविद्यालयों को इसका लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी में रिसर्च वर्क नहीं होने के कारण नैक ने प्रतिकूल टिप्पणी की है।

विज्ञान, गणित और मानविकी में होगा रिसर्च

बोर्ड के अंतर्गत विज्ञान, गणित या मानविकी विषयों में रिसर्च का काम होगा। यूजी और पीजी के छात्रों को भी प्रोजेक्ट बनाने और उस पर काम करने को प्रोत्साहित किया जाएगा। जितना बड़ा प्रोजेक्ट होगा, फंड भी उतना अधिक मिलेगा। प्रोफेसरों का एक ग्रुप बनेगा, जिसके अंतर्गत जूनियर रिसर्च फेलो होंगे। रिसर्च से निकले निष्कर्षों को पेटेंट भी कराया जाएगा।

बोर्ड में आएंगे शोध के प्रस्ताव

बोर्ड में विभिन्न विश्वविद्यालयों की ओर से शोध के प्रस्ताव आएंगे, जिस पर निर्णय लिया जाएगा। उसके लिए रिसर्च के विषय और उसके प्रोजेक्ट को महत्व दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का मानना है राज्य के विश्वविद्यालयों में क्वालिटी रिसर्च का अभाव है। आईएसएम धनबाद और बीआईटी मेसरा को छोड़कर अन्य विवि में अभी ऐसा वातावरण नहीं बन पाया है।

उद्देश्य क्वालिटी ऑफ रिसर्च को इम्प्रूव करना

"झारखंड स्टेट रिसर्च बोर्ड बनाने की दिशा में हमलोग आगे बढ़ चुके हैं। हमारा उद्देश्य क्वालिटी ऑफ रिसर्च तथा स्टडी को इम्प्रूव करना है। हम आंध्र प्रदेश की तर्ज पर काम कर रहे हैं। इसे जमीन पर उतारने में थोड़ा वक्त लगेगा।"

- राहुल पुरवार, उच्च व तकनीकी शिक्षा सचिव, झारखंड