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  • The Government Will Take Back The Government Land Purchased In The Name Of 19 People Including The Wife Of Former DGP DK Pandey.

विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा:पूर्व डीजीपी डीके पांडेय की पत्नी सहित 19 लोगों के नाम खरीदी गई सरकारी जमीन वापस लेगी सरकार

रांची2 महीने पहलेलेखक: संतोष चौधरी
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  • जमाबंदी रद्द करने पर 6 को डीसी की कोर्ट में होगी सुनवाई
  • गैरमजरुआ जमीन को रैयती बनाने का साक्ष्य नहीं दे पाएं खरीदार

कांके अंचल के चामा मौजा में पूर्व डीजीपी डीके पांडेय की पत्नी पूनम पांडेय के नाम पर खरीदी गई 50.90 डिसमिल और अन्य 18 लोगों द्वारा खरीदी गई 2.17 एकड़ जमीन की जमाबंदी रद्द करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। डीसी कोर्ट में इस मामले में सुनवाई चल रही है। बुधवार को जमीन खरीदारों को पक्ष रखना था, लेकिन कोर्ट नहीं हुआ। अब 6 अक्टूबर को पूर्व डीजीपी की पत्नी सहित सभी जमीन खरीदारों को पक्ष रखने का मौका दिया गया है।

उनका पक्ष सुनने के बाद कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। हालांकि, कांके के अंचलाधिकारी, एलआरडीसी और अपर समाहर्ता की कोर्ट ने कांके के चामा मौजा के खाता संख्या 87 के प्लॉट संख्या 1231 की 35 डिसमिल और प्लॉट संख्या 1232 में कुल 5.1 एकड़ जमीन की जमाबंदी को अवैध बताते हुए रद्द करने की अनुशंसा कर दी है।

डीसी कोर्ट से जमाबंदी रद्द करने का आदेश होते ही चामा मौजा की 5.36 एकड़ जमीन को सरकार अपने कब्जा में लेगी। डीसी छवि रंजन ने कहा कि गलत तरीके से जमीन की जमाबंदी कायम की गई थी। जमीन के रैयतीकरण से संबंधित कोई भी साक्ष्य नहीं है। इसलिए, विपक्षी पार्टी को कोर्ट में अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है। इसके बाद जमाबंदी रद्द की जाएगी।

जमाबंदी रद्द करने के लिए एसी कोर्ट ने यह आधार बताया

  • खरीदगी जमीन के रैयतीकरण से संबंधित कोई भी रजिस्टर्ड पट्‌टा, हुक्मनामा या बंदोबस्त परवाना नहीं है।
  • लगाना रसीद निर्धारण की प्रति (एम फॉर्म) व रिटर्न की प्रति प्राप्त नहीं है।
  • 1955-56 से राजस्व रसीद की प्रति व अन्य कागजात भी प्रस्तुत नहीं किए गए।

दो सीओ, सीआई व कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा
पूर्व डीजीपी की पत्नी पूनम पांडेय सहित सभी 19 जमीन खरीदारों ने चामा मौजा की गैरमजरुआ जमीन को रैयती बनाने से संबंधित कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। चामा मौजा की जमीन की गलत तरीके से जमाबंदी कायम करने के मामले में कांके अंचल के तत्कालीन सीओ प्रभात भूषण सिंह पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा सरकार से की गई है। वहीं, सीआई चंचल किशोर और उक्त मौजा के कर्मचारी भुवनेश्वर सिंह पर भी प्रपत्र ‘क’ गठित किया गया है।

दूसरी ओर, लॉ यूनिवर्सिटी के पीछे स्थित नगड़ी मौजा में सरकारी जमीन कब्जा मामले में तत्कालीन सीओ अनिल कुमार पर भी विभागीय कार्रवाई करने की अनुशंसा कर दी गई है।

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