7वीं जेपीएससी पीटी में नई गड़बड़ियों का खुलासा:ओएमआर शीट पर निरीक्षक के हस्ताक्षर नहीं, बुकलेट के सीरियल में भी घालमेल

रांचीएक महीने पहले
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  • फर्स्ट पेपर में सी सीरीज का बुकलेट दिया तो सेंकेड पेपर में डी सीरीज का

जेपीएससी की सातवीं सिविल सेवा पीटी पर विवाद थम नहीं रहा है। अब ओएमआर शीट पर इन्विजिलेटर (निरीक्षक) के हस्ताक्षर न होने और बुकलेट के सीरियल में घालमेल का मामला सामने आया है। नियम है कि सभी ओएमआर शीट पर निरीक्षक का हस्ताक्षर जरूरी है। यही नहीं, जिस अभ्यर्थी काे फर्स्ट पेपर में जिस सीरीज की बुलकेट मिले, सेंकेंड पेपर में भी उसी सीरीज की बुकलेट मिलनी चाहिए। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। निरीक्षक ने ओएमआर शीट पर हस्ताक्षर ही नहीं किया।

इसी तरह कई अभ्यर्थयाें काे फर्स्ट पेपर में सी सीरीज का बुकलेट दिया गया ताे सेकेंड पेपर में डी सीरीज का। एक अभ्यर्थी रामसुंदर ने सूचना का अधिकार के तहत यह जानकारी मांगी कि निरीक्षक ने ओएमआर शीट पर हस्ताक्षर क्याें नहीं किया। लेकिन जेपीएससी ने इसका जवाब नहीं दिया।

आराेप : निरीक्षक ने दूसरी सीरीज की बुकलेट पर परीक्षा देने को विवश किया

अभ्यर्थियाें ने बताया कि लातेहार जिले के एक परीक्षा केंद्र (सेंटर काेड 25018) पर फर्स्ट और सेकेंड पेपर में बुकलेट अलग-अलग सीरीज के दिए गए। अनुरंजन तिर्की नाम के अभ्यर्थी ने बताया कि उन्हाेंने निरीक्षक काे तत्काल इसकी जानकारी दी और बुकलेट बदलने का आग्रह किया। लेकिन निरीक्षक ने बुकलेट बदलने की जगह उसी पर परीक्षा देने काे विवश कर दिया।

आजसू ने कहा- जेपीएससी काे पीटी में हुई सभी गड़बड़ियों का जवाब देना होगा

आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता देवशरण भगत ने कहा- पीटी के रिजल्ट पर कई सवाल उठ रहे हैं, जिसका जवाब जेपीएससी काे देना हाेगा। ओएमआर शीट गुम हाेने की बात हाे या कट ऑफ से कम अंक में पास हाेने का, जेपीएससी इन सवालाें से पीछा नहीं छुड़ा सकता। रिजल्ट की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

हाईकाेर्ट का मुख्य परीक्षा पर राेक लगाने से इनकार

सातवीं जेपीएससी मुख्य परीक्षा से जुड़ी हस्तक्षेप याचिका मंगलवार काे हाईकाेर्ट ने खारिज कर दी। माॅडल आंसर में गलत जवाब हाेने का दावा करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस राजेश शंकर की काेर्ट ने मुख्य परीक्षा पर राेक लगाने से भी इनकार कर दिया। यह याचिका शेखर सुमन ने दायर की थी। इसमें कहा गया था कि जेपीएससी ने गलत माॅडल आंसर के आधार पर पीटी का रिजल्ट घाेषित किया है। इससे पहले जेपीएससी ने आपत्ति मांगी थी। इस पर अभ्यर्थियाें ने कई प्रश्नाें का उत्तर गलत हाेने का दावा किया था। इसलिए रिजल्ट रद्द होनी चाहिए।

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