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सरकार ने छत्तीसगढ़ की तर्ज पर बनाई है उत्पाद नीति:उत्पाद नीति की फाइल राजभवन ने मंगवाई, ताे सरकार ने बचाव में तथ्य जुटाने छत्तीसगढ़ भेजी टीम

रांची13 दिन पहलेलेखक: जीतेंद्र कुमार
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झारखंड सरकार की नई उत्पाद नीति का मामला अभी ठंडा नहीं हाे रहा है। राजभवन की ओर से उत्पाद नीति की फाइल मंगाने के बाद अब सरकार ने पक्ष में तथ्य जुटाने के लिए शुक्रवार काे उच्चस्तरीय टीम छत्तीसगढ़ भेजी है। टीम में पेयजल स्वच्छता एवं जल संसाधन सचिव प्रशांत कुमार, उत्पाद आयुक्त अमित कुमार, सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक आरएल बख्सी व उत्पाद विभाग के संयुक्त सचिव गजेंद्र कुमार सिंह शामिल हैं। टीम वहां की उत्पाद नीति के बारे में जानकारी लेगी कि वहां किस आधार पर नीति लागू है।

झारखंड सरकार ने छत्तीसगढ़ की तर्ज पर ही राज्य में नई उत्पाद नीति बनाई और लागू की है। इसलिए राज्यपाल द्वारा नई उत्पाद नीति से जुड़ी फाइल मंगाने के बाद सरकार छत्तीसगढ़ की उत्पाद नीति की पुख्ता जानकारी हासिल कर लेना चाहती है, ताकि राजभवन द्वारा किसी तरह की आपत्ति उठाए जाने पर उसका सही उत्तर दे सके। साथ ही अगले वर्ष की संभावित नई नीति में बदलाव कर सके।

शराब व्यवसायियों और भाजपा ने सरकार पर लगाए हैं कई आराेप

शराब व्यवसायियाें का आराेप है कि एक्साइज एक्ट के तहत सरकार या विभाग काे नया टैक्स लगाने का अधिकार है। लेकिन इसके लिए राजस्व पर्षद की सहमति जरूरी है। पर कई तरह के टैक्स लगाने में राजस्व पर्षद की सहमति नहीं ली गई। थाेक व्यापार के लिए 25 लाख रुपए का नाॅन रिफंडेबल आवेदन शुल्क इसलिए लगाई गई थी कि ज्यादातर व्यवसायियाें काे टेंडर डालने से राेका जा सके। साथ ही थाेक काराेबार संगठित समूह काे देने का भी आराेप है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने भी नई उत्पाद नीति पर राज्यपाल और सीएम से विराेध जताया था। उन्हाेंने कहा कि नई उत्पाद नीति से राज्य काे नुकसान हाेगा। नीति खास लाेगाें काे ध्यान में रखकर बनाई गई है। पूरे शराब व्यवसाय पर सिंडिकेट का बर्चस्व हाे जाएगा। वही तय करेगा कि किस कंपनी की शराब बिकेगी।

यह दूसरा मौका जब नीति बनाने के बाद राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों में भेजी टीम

यह दूसरा बड़ा मौका है जब नीति बना लेने के बाद उसके पक्ष में तथ्य जुटाने के लिए सरकार ने दूसरे राज्यों को टीम भेजी है। इससे पूर्व जेएसएससी नियमावली में संशोधन के बाद कोर्ट में पक्ष रखने के लिए राज्य सरकार ने कर्नाटक, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित नौ राज्यों में टीम भेजी थी।

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