भास्कर पड़ताल:5 दिनाें में रिकवरी रेट 45.42 प्रतिशत जबकि दूसरी लहर में 33.63% था

रांची4 दिन पहलेलेखक: अमन मिश्रा
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झारखंड कोरोना संक्रमण के मामलों में देश भर में 7 दिन पहले तक चौथे स्थान पर था। लेकिन, दूसरे राज्यों में भी केस बढ़ने के बाद अब 9वें स्थान पर है। हर दिन यहां 3500 से 4500 तक संक्रमितों की पहचान हो रही है। झारखंड की राजधानी रांची की बात करें तो यहां प्रतिदिन 1200 से 1500 तक संक्रमित मिल रहे हैं।

राहत की बात है कि जितने संक्रमित मिल रहे हैं, उसका 70 प्रतिशत से ज्यादा रोगी स्वस्थ हो रहे हैं। पिछले पांच दिनों में रांची में कुल 7271 संक्रमिताें की पुष्टि हुई। वहीं, ठीक होने वालों की संख्या इससे करीब आधी रही। 8 से 12 जनवरी तक 3303 लोग कोरोना को मात देकर ठीक हो चुके हैं। जबकि, दूसरी लहर में 5 दिन में ओवरऑल रिकवरी 33.63 प्रतिशत थी।

अब लक्षण नहीं, तो जांच जरूरी नहीं

अच्छी बात यह है कि पॉजिटिव होने के लिए जांच जरूरी है, लेकिन ठीक होने के लिए जांच की बाध्यता को खत्म कर दी गई है। आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार अब संक्रमण के 7वें दिन यदि किसी तरह का कोई लक्षण नहीं है, ताे आप बिल्कुल सामान्य हैं। बगैर जांच के ही खुद को निगेटिव मान लें। अब जिला प्रशासन भी यही कर रहा है।

कंट्रोल रूम से संक्रमितों को सांतवें दिन ट्रेस कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जाती है। वे बताते हैं कि पूरी तरह स्वस्थ हैं तो पॉजिटिव रिपोर्ट इंट्री को अपडेट कर निगेटिव कर दिया जाता है। यही कारण है कि पिछले कुछ दिनों से राजधानी में लगतार रिकवरी का ग्राफ बढ़ रहा है।

पांच दिनों में 3303 रिकवर, इनमें से 448 लोगों ने ही दोबारा जांच कराए

दैनिक भास्कर पड़ताल में पता चला कि पांच दिनों में रिकवर होने वालों की संख्या 3303 है। इसमें निगेटिव रिजल्ट के लिए सिर्फ 448 लोगों ने ही रिपीट टेस्ट कराए थे। इसके अलावा करीब 2855 लोगों को कंट्रोल रूम द्वारा लक्षण पूछने के बाद जो स्वस्थ बताते गए उन्हेें निगेटिव कर दिया गया।

एक्सपर्ट डॉक्टरों की मानें तो तीसरी लहर में सिवयरिटी कम रही। लोग एक सप्ताह में निगेटिव होते गए तो जितनी तेजी से संक्रमण का ग्राफ बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से एक्टिव केस भी कम होते जाएंगे। यदि फरवरी के पहले सप्ताह में संक्रमण पीक पर रहेगा तो उसके एक सप्ताह बाद से ग्राफ लगातार डाउन होता चला जाएगा।

राहत भरी, पिछले 5 दिनों में रांची का डेथ रेट 0.02%

कोरोना का संक्रमण जरूर तेज है। हर दिन अच्छी संख्या में संक्रमित मिल रहे। लेकिन, जहां रिकवरी अच्छी है, वहीं राहत देने वाली बात यह भी है कि कोरोना से डेथ रेट भी 0% के बराबर है। पिछले चार दिनों में जिले में किसी भी संक्रमित की मौत कोरोना से नहीं हुई है। इसलिए, 8 से 11 जनवरी तक जिले की मृत्यु दर शून्य रही। बुधवार को 2 मौत के साथ मृत्यु दर 0.15% हो गया। इधर, पिछले पांच दिनों का ओवरऑल डेथ रेट देखे तो यह 0.02% है।

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