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लॉकडाउन की आड़ में बढ़ाया किराया:काेराेना में बस किराया बढ़ाने पर है राेक, बस संचालकों ने स्वयं 50 रु. बढ़ा लिये

रांची2 महीने पहले
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खादगढ़ा बस स्टैंड पर एक बस में सवार गिने-चुने यात्री। - Dainik Bhaskar
खादगढ़ा बस स्टैंड पर एक बस में सवार गिने-चुने यात्री।
  • सिमडेगा, चक्रधरपुर व पलामू रूट में बढ़ा भाड़ा
  • गुमला, पलामू, जमशेदपुर, धनबाद, गिरिडीह रूट की बसाें के किराए में भी 40 से 50 रुपए की बढ़ोतरी

काेराेना महामारी की वजह से परिवहन विभाग ने बस किराया बढ़ाने पर पूरी तरह राेक लगा दी है। परिवहन आयुक्त किरण कुमारी पासी ने बस संचालकों काे स्पष्ट रूप से किराया में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं करने का निर्देश दिया है। झारखंड बस ऑनर्स एसोसिएशन ने भी किराया बढ़ोतरी की विधिवत घोषणा नहीं की है। इसके बावजूद रांची से दूसरे जिलों के लिए चलने वाली बसाें के किराए में बढ़ोतरी कर दी गई। रांची से सिमडेगा, चक्रधरपुर और पलामू रूट की बसाें के किराए में 50 से 60 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई।

सिमडेगा रूट में पहले 200 प्रति सीट किराया लिया जा रहा था। अब 250 रुपए कर दिया गया है। वहीं चक्रधरपुर का किराया 150 रुपए था, अब 200 रुपए लिए जा रहे हैं। गुमला, पलामू, जमशेदपुर, धनबाद, गिरिडीह रूट की बसाें के किराए में भी 40 से 50 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। यात्री भी बढ़े हुए किराए का विरोध नहीं कर रहे हैं, क्‍योंकि बस बंद हाेने से आवागमन में सबसे अधिक परेशानी हाे रही थी। स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह 8 जुलाई काे सुबह 6 बजे तक के लिए लागू है। ऐसे में 8 जुलाई से इंटर स्टेट बस चलने की संभावना है। इसके बाद दूसरे राज्यों का सफर भी महंगा हाेगा। क्योंकि बिहार, यूपी, पश्चिम बंगाल रूट की बसों का किराया भी बढ़ाने की तैयारी है।

बसाें में काेविड गाइड लाइन का पालन नहीं

  • बस में यात्रियों काे बैठाने से पहले सभी सीट काे सेनिटाइज करना है, लेकिन कुछ बसों काे ही सेनिटाइज किया जा रहा है।
  • सभी यात्रियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है, लेकिन कई लाेग बस में चढ़ते ही मास्क हटा लेते हैं।
  • यात्रियों के शरीर के तापमान की जांच नहीं हाे रही है।

बस संचालकों का तर्क- डीजल महंगा, यात्री नहीं मिल रहे, किराया बढ़ाना मजबूरी

झारखंड बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि पिछले तीन माह में डीजल काफी महंगा हाे गया है। अभी जिले के अंदर बसें चलनी शुरू हाे गई हैं, लेकिन यात्री भी नहीं मिल रहे हैं, इसलिए किराया बढ़ाना मजबूरी है।

बड़ा सवाल

रेलवे स्टेशन-एयरपाेर्ट पर बाहर से आने वाले यात्रियों की काेविड जांच हाे रही है। जबकि बिरसा मुंडा बस टर्मिनल, आईटीआई बस स्टैंड, सरकारी बस डिपो पर राेजाना 10 हजार से अधिक यात्रियों का मूवमेंट हाे रहा है, लेकिन कहीं काेई जांच की व्यवस्था नहीं है।

बस संचालकों को रोके कौन- बसों का किराया बढ़ाए जाने पर अधिकारियों ने भी साधी चुप्पी

बस संचालकों द्वारा अपने स्तर से किराया बढ़ा लेने पर अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। परिवहन आयुक्त किरण कुमार पासी काे किराया बढ़ोतरी से संबंधित सवाल व्हाट्सअप पर भेजा गया, लेकिन उन्होंने मैसेज देखने के बाद काेई जवाब नहीं दिया।

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