आत्महत्या का मामला:बेटी की पढ़ाई में आर्थिक बाधा न हो इसलिए बेटा का सरकारी काॅलेज में कराया था नामांकन

रांची16 दिन पहले
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  • पुलिस काे नहीं मिला सुसाइड नाेट, मामा ने कहा-करना चाहती थी जेपीएससी की तैयारी

बरियातू के रवींद्रनगर में किराए के घर में रहकर ज्योति कुमारी इंटर करने के बाद जेपीएससी की तैयारी करना चाहती थी। बेटी की पढ़ाई में आर्थिक स्थिति बाधा न बने, इसे लेकर माता-पिता हमेशा चिंतित रहते थे। पिता तपेश्वर सिंह कांके राेड स्थित एक शराब दुकान में सेल्समैन का काम करते हैं। उन्होंने अपनी बेटी को इच्छानुसार पढ़ाई कराने के लिए बेटे का नामांकन सरकारी काॅलेज में कराए थे, ताकि पैसे की कमी से बेटी की पढ़ाई प्रभावित न हो। लेकिन, बेटी की आत्महत्या के बाद से उनकी और उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। दोनों कुछ भी बाेलने की स्थिति में नहीं हैं।

वहीं, मृतका के मामा श्याम कुमार सिंह ने बताया कि ज्योति पढ़ाई में काफी अच्छी थी। सिसई स्थित अपने पैतृक गांव के पास ही एक स्कूल से मैट्रिक करने के बाद वह रांची में रहकर उर्सुलाईन स्कूल से काॅमर्स संकाय में इंटर कर रही थी। मैट्रिक में उसे 85 प्रतिशत नंबर मिला था। कुछ दिनाें बाद ही इंटर की परीक्षा हाेने वाली थी। अचानक उसने क्याें आत्महत्या कर ली, यह किसी के समझ में नहीं अा रहा। पुलिस ने ज्योति के शव काे पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजने के बाद उसके कमरे की तलाशी ली। लेकिन, उसे काेई सुसाइड नाेट नहीं मिला। आईओ अंकित कुमार ने पड़ोसी से बातचीत की। काफी देर तक पूछताछ करने के बाद भी छात्रा की आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका।

पढ़ाई को लेकर सोशल मीडिया से दूर रहती थी ज्योति

ज्याेति के मामा श्याम कुमार सिंह ने बताया कि मैट्रिक पास करने के बाद उसे बीबीए करने की इच्छा थी। हालांकि, वह कुछ दिनाें बाद ही उसने अपना निर्णय बदल लिया था और इंटर करने के बाद जेपीएससी की तैयारी करना चाह रही थी। इसके लिए वह अभी से ही पढ़ाई में जुट गई थी। खुद काे सोशल मीडिया से भी दूर रखती थी। पढ़ाई में मोबाइल बाधा न हाे, इसलिए वह मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल से भी परहेज करती थी।

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