बोर्ड से हरी झंडी का इंतजार:रांची से लखनऊ के लिए ट्रेन चलाने को तीन जाेन हैं तैयार

रांचीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

रांची से लखनऊ तक तीन रेलवे जाेन ने रांची से बनारस जानेवाली ट्रेन काे लखनऊ तक विस्तार देने पर सहमति दे दी है। यह प्रस्ताव रांची रेल डिवीजन की ओर से भेजा गया था। इसकी पुष्टि रांची रेल डिवीजन ने भी की है। लेकिन, अब तक रेल मंत्रालय से हरी झंडी नहीं मिली है। क्याेंकि, अब रांची से बनारस केिलए ट्रेन का परिचालन शुरू हाे चुका है। इसलिए, डिवीजन ने नई ट्रेन की जगह इस ट्रेन काे लखनऊ तक विस्तार देने की मांग की थी, जिसे लखनऊ तक चलाने में किसी काे आपत्ति नहीं है। अब निगाहें रेल मंत्रालय पर है, जहां से अभी तक हरी झंडी नहीं मिली है। क्याेंकि हरी झंडी की फाइल मंत्रालय में अटकी पड़ी है। अभी तक रांची से लखनऊ तक सीधी ट्रेन नहीं है।

इसकी मांग लंबे समय है। ज्ञात हो कि रांची रेल डिवीजन ने रांची से लखनऊ तक सीधी ट्रेन चलाने के लिए ट्राॅयल किया था, लेकिन यह ट्राॅयल फेल हाे गया। इस रूट पर सीधी ट्रेन चलाने पर रेलवे काे यात्री नहीं मिले थे। ट्रेनें खाली रही। रेलवे ने पूरी एसी ट्रेन चलाई थी। ट्रायल में पता चला कि इस ट्रेन का ऑपरेटिंग काॅस्ट भी नहीं निकल पा रहा था। इसलिए, रेलवे ने इस ट्रेन काे बंद कर दिया। रांची से बनारस चलने वाली ट्रेन बनारस स्टेशन पर सात से आठ घंटे तक यार्ड में खड़ी रहती है। इसलिए, रांची डिवीजन इसे लखनऊ तक चलाने के लिए प्रस्ताव भेजा था, जिस पर सबकी सहमति मिल गई।

सांसद बोले- रेल मंत्री से बात कर जल्द हरी झंडी दिलाएंगे
सांसद संजय सेठ ने कहा कि रांची से लखनऊ तक ट्रेन के लिए यात्रियाें की काफी डिमांड है। रांची से बनारस ट्रेन काे लखनऊ तक विस्तार देने का निर्णय अच्छा है। रेल मंत्री से बात कर इसे जल्द ही हरी झंडी दिलाएंगे। ज्ञात हो कि अभी यात्रियाें काे रांची से लखनऊ जाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्याेंकि, रांची से कानपुर जाने के बाद वहां से बाय राेड लखनऊ या ट्रेन से जाना पड़ता है। एसे में काफी समय और पैसा बर्बाद हाेता है।

खबरें और भी हैं...