एचईसी हमारी पहचान बर्बादी से बचाइए!:एचईसी में टूल डाउन स्ट्राइक 13वें दिन भी जारी, प्रबंधन स्ट्राइक समाप्त कराने के प्रयास में, पर अड़े हैं कामगार

रांचीएक महीने पहले
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  • भारी उद्याेग मंत्रालय ने कल 3 निदेशकों काे दिल्ली बुलाया

7 माह से बकाया वेतन भुगतान की मांग काे लेकर एचईसी के कामगाराें की टूल डाउन स्ट्राइक 13 वें दिन भी जारी रही। एचएमटीपी, एचएमबीपी और एफएफपी प्लांट में उत्पादन ठप है। प्रबंधन स्ट्राइक समाप्त करा कर प्राेडक्शन चालू कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। मंगलवार काे भारी उद्योग सचिव के साथ एचईसी प्रबंधन की लंबी बैठक हुई, जिसमें स्ट्राइक से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा हुई।

वीडियाे कांफ्रेसिंग के जरिए हुई मीटिंग में भारी उद्योग सचिव को कंपनी की स्थिति और स्ट्राइक की वजह से उत्पन्न समस्याओं की जानकारी दी गई। एचईसी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए भारी उद्याेग मंत्रालय ने 16 दिसंबर को एचईसी के तीनों डायरेक्टर्स को दिल्ली बुलाया है। संभवत: तीनाें निदेशकाें से कामगाराें के बकाया वेतन, वर्कआर्डर और आगे कंपनी काे कैसे चलाना है, इसके प्लान पर बातचीत हो सकती है। इस मीटिंग में एचईसी के लिए कुछ राहत की बात भी सामने आने की उम्मीद है।

जून माह के आधा वेतन से खुश नहीं हैं कामगार

सोमवार को एचईसी प्रबंधन ने कामगारों के एकाउंट में जून माह का आधा वेतन डाल दिया है। प्रबंधन बचा आधा वेतन इसी महीने 25 दिसंबर के बाद दिया जाएगा। हालांकि आधा वेतन से कामगार खुश नहीं हैं। इधर प्रबंधन जनवरी, फरवरी व मार्च में भी आधा वेतन देने की तैयारी में जुटा है।

सूत्रों से यह भी जानकारी मिल रही है कि जनवरी में कामगारों को जनवरी का पूरा वेतन दिया जा सकता है। कामगार 2 दिसंबर से टूल-डाउन स्ट्राइक पर हैं। कामगाराें का कहना है कि बकाया वेतन का भुगतान जब तक नहीं हाेगा, वे काम पर नहीं लाैटेंगे। चूंकि कांगार स्वत: स्ट्राइक पर गए हैं, इसलिए वे कंपनी में सक्रिय ट्रेड यूनियनाें की बात भी नहीं सुन रहे। उन्हाेंने साफ कह दिया है कि वेतन नहीं, ताे काम नहीं। हर राेज एचएमबीपी, एचएमटीपी, एफएफपी के कामगार प्लांट के अंदर ही प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

निदेशक प्रोडक्शन की बात भी नहीं मानी

एचईसी प्रबंधन स्ट्राइक समाप्त कराने की पहल कर रहा है। कंपनी के निदेशक मार्केटिंग एंड प्राेडक्शन डॉ राणा एस चक्रवर्ती लगातार प्लांटाें का दाैरा कर कामगाराें से मिल रहे हैं। उन्हें कंपनी की हालत बताते हुए स्ट्राइक समाप्त करने काे कह रहे हैं। डॉ. राणा ने तीनाें प्लांटाें के कामगाराें से मिलकर बातचीत कर ली है। वे लगातार कामगाराें का विश्वास जीतने का प्रयास कर रहे हैं। प्रबंधन ने ट्रेड यूनियनों से भी टूल डाउन स्ट्राइक समाप्त कराने की अपील की है। लेकिन बात बनती नजर नहीं आ रही है।

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