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चिंता सताने लगी:रिम्स समेत कई जिला अस्पतालों में, कोरोना के इलाज की जरूरी दवाओं का स्टॉक हुआ खत्म

रांची25 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • एनएचएम निदेशक ने जारी किया आदेश- दवाओं का स्टॉक सुनिश्चित किया जाए

झारखंड में कोरोना वायरस की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी गई है। सरकार टास्क फोर्स का गठन करने के अलावा चिकित्सा सुविधा बढ़ाने में जुट गई है। ऑक्सीजन सिलेंडरों और कंसंट्रेटरों को लगाने से लेकर कोविड बेड्स की तैयारी जोरों पर है। कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियों को लेकर गठित एक्सपर्ट कमेटी ने सभी जिलों में कोरोना के इलाज में प्रयुक्त होने वाली दवाओं की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है।

इसके विपरीत राज्य के सबसे बड़े कोविड केयर सेंटर रिम्स समेत कई जिला अस्पतालों में कोरोना के इलाज में प्रयुक्त होने वाले दवाओं का स्टॉक शून्य पाया गया है। इसके राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। रिम्स में कोरोना के इलाज में आने वाले कई जरूरी दवाओं का स्टॉक शून्य है। इसमें विटामिन टी-2500 आईवी, मोटेलुकास्ट विद लिवोस्ट्रीजीजन, एम्लोडिपिन, डेक्सोमेथोसोन, फैवीपीरावीर, ओस्टेलावीर की दवाएं रिम्स के दवा स्टॉक में शून्य हैं।

ड्रग इंस्पेक्टरों के टीम ने किया निरीक्षण कर दी रिपोर्ट

दवाओं के स्टॉक की जांच ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने की। मेडिकल कालेज धनबाद, दुमका, रिम्स और सदर अस्पताल चाईबासा, साहबेगंज, गिरिडीह आदि के भंडारों में कई दवाओं का स्टॉक शून्य हैं। एनएचएम के अभियान निदेशक ने अधिकारियों को दवाओं का स्टॉक रखने को कहा है।

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