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रांची से क्यों रद्द की जा रही ट्रेनें?:कोरोना से 2 लोको पायलट, एक स्टेशन मास्टर की हो चुकी मौत, 400 से ज्यादा कर्मचारी अब भी संक्रमित

रांचीएक महीने पहले
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रांची रेल मंडल के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि कई काम इतना कठिन होता है कि वहां 6 घंटे से ज्यादा ड्यूटी करना मुश्किल होता है। वहां भी अभी कर्मचारी दो से तीन घंटे की एक्स्ट्रा ड्यूटी कर रहे हैं। (फाइल) - Dainik Bhaskar
रांची रेल मंडल के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि कई काम इतना कठिन होता है कि वहां 6 घंटे से ज्यादा ड्यूटी करना मुश्किल होता है। वहां भी अभी कर्मचारी दो से तीन घंटे की एक्स्ट्रा ड्यूटी कर रहे हैं। (फाइल)

रांची रेल मंडल से लगातार ट्रेनों का संचालन रद्द किया जा रहा है। अभी तक बंगाल जाने वाली दो ट्रेन हावड़ा- रांची और हटिया-वर्धमान को रद्द कर दिया गया है। लगभग आधा दर्जन ट्रेनों को रद्द करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। ट्रेनों के रद्द करने की अलग-अलग बातें सामने आ रही है। लेकिन रांची रेल मंडल के एक बड़े अधिकारी की मानें तो ट्रेनों को रद्द करने का सबसे बड़ा कारण कर्मियों का संक्रमित होना है। रांची रेल मंडल में लगभग 400 से ज्यादा कर्मचारी संक्रमित हैं। इस दौरान दो लोको पायलट और एक स्टेशन मास्टर की मौत भी हो चुकी है। कई के परिजनों की भी मौत इस दौरान हो गई है।

इलाजरत दो लोको पायलट की दो दिन में हुई मौत
रांची रेल मंडल के दो लोको पायलट एमके अकेला और शंभू प्रसाद की लगातार दो दिन में मौत हो गई है। एमके अकेला 15 दिन पहले संक्रमित हुए थे और उनका इलाज रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में चल रहा था ।अकेला हटिया में तैनात थे। वहीं लोको पायलट शंभू प्रसाद ने रिम्स में आंखिरी सांस ली। वे भी कोरोना से संक्रमित थे।

स्टेशन मास्टर की भी हुई थ मौत
लोहरदगा लाइन पर टांगरबिसली के स्टेशन मास्टर सुभाष मिंज की 14 दिन पहले कोविड से मौत हो गई थी। वे 56 साल के थे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद स्टेशन रोड के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी मौत हो गई। वहीं हटिया के मेल एक्सप्रेस के गार्ड वाईडी कुंडू ने भी रिम्स अस्पताल में दम तोड़ दिया। हालत गंभीर होने पर रिम्स में भर्ती कराया गया था।

सभी छुट्टियां रद्द, इमरजेंसी पर ही मिल रही है छुट्टी
रांची रेल मंडल के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि कई काम इतना कठिन होता है कि वहां 6 घंटे से ज्यादा ड्यूटी करना मुश्किल होता है। वहां भी अभी कर्मचारी दो से तीन घंटे की एक्स्ट्रा ड्यूटी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंडल में सभी कर्मचारियों की छुट्टियां लगभग रद्द कर दी गई हैं। इमरजेंसी की स्थिति में ही छुट्टी अप्रूव्ड की जा रही है।

यात्रियों की संख्या कम होना भी एक बड़ी वजह
कर्मचारियों की किल्लत के अलावा यात्रियों का कम हो जाना भी ट्रेनों के परिचालन को बंद करने की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अधिकारी कहते हैं कि केवल उसी ट्रेनों को बंद किया जा रहा है जिसमें यात्रियों की संख्या 50 फीसदी से कम है ।

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