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जलाशयों की बंदोबस्ती:मछुआरा समितियों को दिए जाएंगे शहरी तालाब, 3 वर्ष के लिए की जाएगी बंदोबस्ती

रांचीएक महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • नगर विकास एवं आवास विभाग ने लिया निर्णय
  • 4 हेक्टेयर तक के जलाशयों का मूल्य वार्षिक उत्पादन का 10 फीसदी होगा

राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की तरह शहरी क्षेत्र के तालाबों और जलाशयों की बंदोबस्ती मत्स्य जीवी सहयोग समितियों को ही करने का निर्णय लिया है। मत्स्य जीवी सहयोग समितियों के इंटरेस्ट नहीं लेने पर ही संबंधित निकायों द्वारा आम लोगों के बीच किया जाएगा। नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा पिछले दिनों इस संबंध में विस्तृत संकल्प जारी किया गया है। इसके लिए विभाग ने जिला स्तर, निकाय स्तर पर कमेटियों के गठन का भी निर्देश दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि संबंधित क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन पर आश्रित रहनेवाले परिवारों की जीविका बनी रहे। क्योंकि उनका मुख्य पेशा ही यही रहा है।

ऐसे होगा जल कर का वार्षिक निर्धारण

चार हेक्टेयर तक के जल का वार्षिक जमा निर्धारण, वार्षिक उत्पादन मूल्य का 10 फीसदी तथा चार हेक्टेयर से बड़े और खुले जलाशयों का वार्षिक जमा निर्धारण कुल वार्षिक उत्पादन मूल्य का पांच फीसदी के आधार पर प्रत्येक तीन वर्ष के लिए किया जाएगा। उदाहरण के रूप में एक एकड़ तक के तालाब का वार्षिक उत्पादन अगर 800 किलोग्राम मछली है, तो औसतन 150 रुपये किलोग्राम की दर से कुल उत्पादित मछली का मूल्य 1,20,000 रुपए होगा। इसका 10% अर्थात 12000 रुपए वार्षिक जमा राशि होगी। तीन वर्ष के लिए उस तालाब की बंदोबस्ती की जाएगी। प्रत्येक तीन वर्ष पर वार्षिक जमा राशि का निर्धारण किया जाएगा। दो लाख रुपये तक के वार्षिक जमा वाले जल करों का जमा निर्धारण निकाय स्तर पर नगर आयुक्त या कार्यपालक पदाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति और इससे ऊपर की राशि के जल करों का जमा निर्धारण उपायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी।

यह होगी बंदोबस्ती की प्रक्रिया

चार हेक्टेयर से बड़े सभी जलाशयों और उससे छोटे जलाशय जिनकी दीर्घकालीन बंदोबस्ती नहीं की गई है, की बंदोबस्ती नगर निकाय स्तर पर गठित मत्स्यजीवी सहयोग समितियों के साथ निर्धारित वार्षिक सुरक्षित जमा पर की जाएगी। बशर्ते समिति निर्धारित जमा पर बंदोबस्ती लेने के लिए तैयार हो। समिति के पास पूर्व की सरकारी राशि बकाया नहीं हो। अगर समिति अनिच्छा व्यक्त करती है, तो बंदोबस्ती विस्तृत सूचना प्रकाशन के बाद खुली डाक निविदा से की जाएगी। दो लाख रुपए से ऊपर के वाले जल करों की निविदा के लिए समाचार पत्रों में प्रकाशन किया जाएगा। बंदोबस्ती की प्रक्रिया बंदोबस्ती अवधि समाप्त होने से तीन माह पूर्व शुरू की जाएगी।

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