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काेराेना के टीके का टाेटा:झारखंड में फिर टीके लगभग खत्म, 20 लाख लाेग दूसरी डाेज की वेटिंग में

रांची2 महीने पहले
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  • राज्य में गुरुवार काे करीब 21 हजार टीके लगे, 20 हजार से कम स्टाॅक में

झारखंड में एक बार फिर काेराेना के टीके का टाेटा हाे गया है। इससे टीकाकरण की रफ्तार थम सी गई है। पिछले 48 घंटे से रांची समेत राज्य के कई जिले टीके के लिए तरस रहे हैं। करीब 20 लाख लाेग ऐसे हैं, जिनका दूसरी डाेज का वक्त हाे गया है, लेकिन उन्हें टीके नहीं लग पा रहे हैं। गुरुवार काे राज्यभर में करीब 21 हजार लाेगाें काे टीके लगाए गए और अब इतने ही स्टाॅक में हैं। इससे शुक्रवार काे टीकाकरण ताे हाेगा, लेकिन नाममात्र का। राज्य काे पर्याप्त टीके नहीं मिलने से अब तक 10 बार टीकाकरण अभियान बाधित हाे चुका है।

राज्य में 4000 टीकाकरण केंद्र तैयार कर राेजाना 3.5 लाख लाेगाें काे टीके लगाने की व्यवस्था पूरी कर ली है। पर इसमें टीके की उपलब्धता बड़ी बाधा बन रही है। शनिवार-रविवार काे छाेड़कर सप्ताह के अन्य दिन टीकाकरण की स्थिति सुस्त हाे जाती है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र काे कई बार पत्र लिखकर टीके का काेटा बढ़ाने का आग्रह किया है, लेकिन फिर भी टीके नहीं मिल रहे।

इस माह 33 लाख मिलने हैं, पर 15 तक मिलेंगे 9.5 लाख ही टीके

राज्य में 28 जून से ही टीके की किल्लत शुरू हाे गई है। इसी बीच केंद्र ने इस महीने 33 लाख टीके का आवंटन किया, जिससे कुछ उम्मीद बंधी थी। दाे जुलाई काे काेविशील्ड के छह लाख टीके मिले, जिससे चार दिन अभियान चला और टीके खत्म हाे गए। अब नाै जुलाई काे काेवैक्सीन के एक लाख टीके आएंगे जाे एक दिन भी नहीं चल पाएगा। इसके बाद 15 जुलाई काे काेविशील्ड के 2.5 लाख टीके मिलेंगे। यानी आधा महीना बीत जाने के बावजूद 33 लाख में से 9.5 लाख टीके ही मिल पाएंगे।

अभियान एक दिन रुकने का मतलब एक लाख लोग टीका लगवाने से चूके

झारखंड में 14 मई से 18 प्लस का वैक्सिनेशन अभियान शुरू हुआ है। एक दिन में अधिकतम 1.45 लाख टीके लगाए गए हैं। सरकार रोजाना 3.5 लाख टीके लगाना चाहती है। लेकिन पिछले 56 दिन में राज्य में 10 बार टीकाकरण लगभग ठप हो चुका है। एक दिन रुकने का मतलब है कि एक लाख लोगों को समय पर टीका नहीं लगा।

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