काेराेना टीकाकरण में केंद्र vs झारखंड सरकार:टीके पर्याप्त फिर भी निचले पायदान पर झारखंड, रोज 3 लाख लक्ष्य, मुश्किल से 1 लाख को ही डोज

रांची3 महीने पहले
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  • केंद्र का दावा: झारखंड में 40 प्रतिशत को ही टीके
  • झारखंड बोला: केंद्र की गणना कुल आबादी के अनुसार, हमारी गणना 18+ के हिसाब से, 59% को लगा चुके टीके
  • आबादी के हिसाब से झारखंड आखिरी तीन पायदान पर, 18+ उम्र में भी हालत खराब

झारखंड में पर्याप्त टीके हैं, फिर भी टीकाकरण सुस्त है। यहां रोज तीन लाख लोगों को टीके लगाने का लक्ष्य है, लेकिन एक लाख लोगों का ही वैक्सिनेशन हो पा रहा है। केंद्र और राज्य के आंकड़ों से भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। केंद्र के मुताबिक झारखंड में कुल आबादी के 40.54% लाेगाें काे ही पहली डाेज लगी है। यह निचले पायदान पर है।

जबकि राज्य सरकार का कहना है कि यहां 59% लाेगाें काे पहली डाेज लग चुकी है। केंद्र पूरी आबादी के हिसाब से आंकड़ा जारी करता है, वहीं झारखंड में 18 साल से अधिक उम्र वालों के हिसाब से गणना हाेती है। इससे दोनों के प्रतिशत अलग दिखते हैं, लेकिन नतीजा एक होता है। आबादी के हिसाब से तो झारखंड आखिरी तीन पायदान पर है ही, 18 प्लस के हिसाब से भी हालत खराब है।

पिछड़ने के 3 प्रमुख कारण

  • 1. टीके की काेई कमी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं दिखता। रोज एक लाख से ज्यादा टीके लगा ही नहीं पा रहे।
  • 2. कई जिले टीकाकरण में काफी पीछे है। गढ़वा में 43% को तो वहीं साहिबगंज में 47% को टीके लगे हैं।
  • 3. काेराेना के केस कम हाेने के बाद लाेग भी लापरवाह हाे गए हैं। लोग टीके लेने केंद्र पर पहुंच ही नहीं रहे।

इधर, बढ़ रहे मामले, रांची में मिले 68 पाॅजिटिव

रांची में शनिवार काे ट्रेन से काेराेना की खेप पहुंची। रांची और हटिया स्टेशन पर जांच में कुल 65 लाेग काेराेना संक्रमित मिले, जबकि तीन संक्रमिताें के सैंपल माेबाइल टेस्टिंग वैन से लिए गए थे। ये सभी यात्री ओडिशा से आने वाली तपस्विनी एक्सप्रेस और राउरकेला पैसेंजर ट्रेन से आए थे। संक्रमिताें में 27 रांची के और 41 दूसरे जिले के लाेग हैं। इससे पहले शुक्रवार काे 70 संक्रमित मिले थे। इनमें से डाेरंडा के सिर्फ एक मरीज काे रिम्स के ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कराया जा सका है।

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