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मौसमवाणी:झारखंड में चक्रवाती दबाव व दो द्रोणिका एक साथ सक्रिय होने से मई में ही सावन जैसी रिमझिम,जारी है पारे में गिरावट

रांचीएक महीने पहले
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बादलों के बीच जब ठंडी और गर्म हवा आपस में मिलती है तो एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है। उस सिस्टम से निकलने वाली पट्टी को द्रोणिका कहते हैं।
(फाइल) - Dainik Bhaskar
बादलों के बीच जब ठंडी और गर्म हवा आपस में मिलती है तो एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है। उस सिस्टम से निकलने वाली पट्टी को द्रोणिका कहते हैं। (फाइल)

झारखंड समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी और बारिश जारी है। सुबह से दोपहर तक जहां तेज धूप रहती है। वहीं दोपहर बाद आसमान में काले बादल छाने लगते हैं। शाम होते ही बारिश होने लगती है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यदा 51 मिलीमीटर बारिश जमशेदपुर में हुई है।

मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक वर्तमान में एक चक्रवाती घेरा उत्तर कर्नाटक के ऊपर कम उंचाई पर स्थित है। इसके अलावा एक द्रोणिका दक्षिण केरल तक और दूसरी पूर्व-पश्चिम द्रोणिका पश्चिम बंगाल तक प्रभावी है। इसके चलते बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवा आ रही है, जिससे मौसम में परिवर्तन जारी है।

बारिश और बादल के कारण झारखंड में लोगों को गर्मी से राहत है। पिछले 24 घंटे में राज्य का अधिकतम पारा 37.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टेनगंज का दर्ज किया गया है। इसके अलावा रांची का अधिकतम पारा 35.4 डिग्री सेल्सियस और जमशेदपुर का अधिकतम पारा 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

क्या होता है द्रोणिक
बादलों के बीच जब ठंडी और गर्म हवा आपस में मिलती है तो एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है। उस सिस्टम से निकलने वाली पट्टी को द्रोणिका कहते हैं। इसमे अचानक ही मौसम में बदलाव हो जाता है और तेज हवा के साथ बारिश होती है।

रांची में 10 मिलीमीटर बारिश हुई
जमशेदपुर के बाद सबसे ज्यादा बारिश बोकारो में हुई है। यहां 25.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड किया गया है। वहीं चाईबासा में 15.2 मिलीमीटर बारिश हुई है। जबकि डाल्टेनगंज में 0.4 मिलीमीटर बारिश हुई है।

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