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मेयर ने पूछा:किसने आपको कंपनी से एग्रीमेंट करने की शक्ति दी?, नगर आयुक्त बोले- सरकार का जाे आदेश होगा, वही करेंगे

रांची8 महीने पहले
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  • निगम कह रहा हम दूर करेंगे, विभाग ने कहा, फैसला हमारा; ये विवाद क्यों और फायदा क्या?

राजधानी के 2 लाख घराें से होल्डिंग टैक्स कलेक्शन के लिए नगर विकास विभाग द्वारा चयनित एजेंसी श्री पब्लिकेशन के साथ एग्रीमेंट करना नगर अधिकारियों के लिए गले की हड्डी बन गया है। मेयर अाशा लकड़ा ने विभाग काे छाेड़ अब निगम अधिकारियों के खिलाफ माेर्चा खाेल दिया है। कंपनी से एग्रीमेंट करने के मामले में आर-पार की लड़ाई जैसी स्थिति बन गई है। क्योंकि, मेयर ने नगर आयुक्त काे पत्र लिखकर 15 अक्टूबर काे विशेष बैठक बुलाने के लिए कहा है। इसमें कंपनी के साथ एग्रीमेंट करने के मामले पर खुली चर्चा करने को कहा है।

उन्होंने यहां तक कहा कि इस खुली चर्चा में नगर आयुक्त सहित उप नगर आयुक्त, निगम के अधिवक्ता और तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहें। साथ ही मेयर के भी अधिवक्ता और तकनीकी विशेषज्ञ भी रहेंगे, जाे हरेक बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। एक ओर मेयर ने नगर आयुक्त काे पत्र लिखकर खुली चर्चा करने की चुनौती दे दी है, ताे दूसरी ओर नगर आयुक्त ने साफ कहा कि मेयर का पत्र देखने के बाद ही तय करेंगे कि बैठक हाेगी या नहीं। मेयर ने नगर आयुक्त काे भेजे पत्र में पूछा है कि नगर आयुक्त बताएं नगर पालिका की किस धारा ने उन्हें कंपनी से एग्रीमेंट करने की शक्ति दी? इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि सरकार का जाे निर्देश है वही करेंगे, मेयर काे आपत्ति ताे चर्चा कर समाधान निकालेंगे।

इन 3 एजेंडों पर चर्चा कराने की चुनौती

  • 9 जून काे रांची नगर निगम परिषद की बैठक में पहले से काम कर रही एजेंसी स्पैराे सॉफ्टटेक काे कार्य विस्तार देने का निर्णय लिया गया ताे नगर आयुक्त ने परिषद के निर्णय का अनुपालन क्यों नहीं किया?
  • नगर आयुक्त काे झारखंड नगर पालिका अधिनियम 2011 की किस धारा के तहत नगरपालिका से संबंधित मामले पर स्वयं निर्णय लेने की शक्ति मिली है?
  • श्री पब्लिकेशन के साथ हुए इकरारनामा में कई त्रुटियां हैं। इस पर क्या कार्रवाई हुई? फॅार्म टेक-5 के तहत दिए गए दस्तावेज की काॅपी बैठक में उपलब्ध कराएं, ताकि उसकी सच्चाई का पता चले।

टैक्स जमा करने के लिए लग रही है लाइन

मेयर और नगर विकास विभाग के बीच छिड़ी जंग का सीधा असर अाम लाेगाें पर पड़ रहा है। दाे माह से घराें से होल्डिंग टैक्स और वाटर यूजर चार्ज का कलेक्शन नहीं हाे रहा है। अाम लाेग टैक्स जमा करने निगम के काउंटर पर आ रहे हैं।

मामला कोर्ट में, इसलिए चयन पर चर्चा नहीं होगी

मेयर आशा लकड़ा ने नगर आयुक्त को भेजे पत्र में कहा है कि राजस्व संग्रह के लिए एजेंसी चयन करने का अधिकार नगर निगम या नगर विकास विभाग की एजेंसी सूडा के पास है, इस पर काेई चर्चा नहीं हाेगी। क्योंकि, यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है।

ऐसे प्रभावित हाे रहे लाेग

  • 13 अगस्त से नगर निगम क्षेत्र के 53 वार्डों में घर और जमीन का नया होल्डिंग नंबर जारी नहीं हाे रहा है। पहले प्रतिमाह 700 नया होल्डिंग नंबर जारी हाेता था।
  • होल्डिंग नंबर नहीं हाेने से जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री में 50 फीसदी तक की कमी आ गई है। पहले एक दिन में करीब 90 डीड की रजिस्ट्री हाेती थी। अब इसकी संख्या 40 से 50 के बीच रह गई है।
  • ट्रेड लाइसेंस नहीं बन रहा है। पहले प्रतिमाह 900 से 1000 ट्रेड लाइसेंस बनता था। लाइसेंस नहीं बनने से व्यापारी बैंक लाेन नहीं ले पा रहे हैं। नौकरी गंवा चुके सैकड़ों लाेग लाइसेंस के इंतजार में नया रोजगार शुरू नहीं कर रहे हैं।

बैठक नहीं बुलाने का रास्ता ढूंढ रहे पदाधिकारी

निगम के पदाधिकारी मंगलवार को बैठक नहीं बुलाने का काट ढूंढने में लगे रहे। देर शाम कार्यालय अधीक्षक ने मेयर के पत्र का जवाब तैयार कराया। बुधवार को पत्र मेयर को भेजा जाएगा, ताकि बैठक की नौबत न आए। इसमें कहा है कि सूडा ने एजेंसी चयन किया है। प्रशासनिक कार्यों में निर्णय का अधिकार नगर आयुक्त को है, इसलिए बैठक का कोई औचित्य नहीं है।

बैठक में खत्म होगा विवाद

नगर आयुक्त ने नगरपालिका की किस धारा के तहत अपने स्तर से एजेंसी से एग्रीमेंट किया अाैर जनप्रतिनिधियों का क्या अधिकार है। इस पर खुली चर्चा करने के लिए 15 काे बैठक बुलाने के लिए उन्हें पत्र लिखा है। उसी दिन इस विवाद का निपटारा हाेगा।
- आशा लकड़ा, मेयर

बैठक होगी या नहीं, देखेंगे

सरकार का जाे दिशा-निर्देश है, मैंने वही किया है और आगे भी करेंगे। मेयर काे किसी बात पर आपत्ति है, ताे उस पर चर्चा की जा सकती है। मेरे आने से पहले से यह मामला चल रहा था। फिर भी मेयर का पत्र देखने के बाद तय करेंगे कि बैठक हाेगी या नहीं।

- मुकेश कुमार, नगर आयुक्त

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