पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

संज्ञान:रिम्स के मरीजों को प्राइवेट में जांच क्यों कराना पड़ रहा है- हाईकोर्ट

रांची3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • रिम्स की अव्यवस्था पर हाईकाेर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान

हाईकाेर्ट ने रिम्स की लचर व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस डाॅ. रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने शुक्रवार काे इस मामले में रिम्स काे कड़ी फटकार लगाई। काेर्ट ने कहा-रिम्स में न डाॅक्टर हैं और न ही पर्याप्त संख्या में नर्स हैं। रिम्स जैसे सरकारी संस्थान पैथाेलाॅजी जांच निजी संस्थानाें से कराती है। ऐसी व्यवस्था क्याें है। इस पर रिम्स की ओर से कहा गया कि मेडिकल स्टाफ और अन्य पदाें पर भर्तियाें के लिए याेग्य उम्मीदवाराें के मिलते ही चयन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। रिम्स के तर्क पर चीफ जस्टिस ने माैखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि द्राेणाचार्य बैठे हुए हैं और अर्जुन का इंतजार किया जा रहा है। अभी तक खाली पदाें काे भरा क्याें नहीं गया। रिम्स ने कहा कि याेग्य उम्मीदवार मिलते ही खाली पदाें पर नियुक्ति हाे जाएगी।

काेर्ट ने यह भी पूछा कि काेराेना काल में रिम्स में काैन-काैन से उपकरण खरीदे गए हैं। अब तक सीटी स्कैन और पैथाेलाॅजी की मशीनें क्याें नहीं खरीदी गई। सभी जांच निजी संस्थानाें में ही कराना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति क्याें है। हाईकाेर्ट ने इन सभी बिंदुओं पर रिम्स प्रशासन से दाे सप्ताह में जवाब मांगा है। हाईकाेर्ट के जस्टिस काेराेना की चपेट में आ गए थे। वह इलाज के लिए रिम्स गए ताे वहां की अव्यवस्था देखकर रिम्स प्रशासन काे कड़ी फटकर लगाई। इसके बाद हाईकाेर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- व्यक्तिगत तथा पारिवारिक गतिविधियों में आपकी व्यस्तता बनी रहेगी। किसी प्रिय व्यक्ति की मदद से आपका कोई रुका हुआ काम भी बन सकता है। बच्चों की शिक्षा व कैरियर से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य भी संपन...

    और पढ़ें