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  • With The Art Of Seeing Hands, Suman Made A Hold In The Upper Class; Spent The Money Of Many Officers, The Father Kept On Buying The Valuable Land Of The Village.

भास्कर इन्वेस्टिगेशन:हाथ देखने की कला से सुमन ने ऊंचे वर्ग में बनाई पकड़; कई अफसरों के पैसे खपाते रहे, पिता गांव की कीमती जमीनें खरीदते रहे

संतोष चौधरी/आदिल हसन |रांची2 महीने पहले
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36 साल की उम्र के किरदार...कभी ज्योतिषी, नौकरीपेशा तो कभी सीए की रांची मैनेजिंग कमेटी का चुनाव लड़ने वाला। हिट किरदार रहा...चार्टर्ड एकाउंटेंट का। - Dainik Bhaskar
36 साल की उम्र के किरदार...कभी ज्योतिषी, नौकरीपेशा तो कभी सीए की रांची मैनेजिंग कमेटी का चुनाव लड़ने वाला। हिट किरदार रहा...चार्टर्ड एकाउंटेंट का।
  • पैसों की पूजा... आईएएस पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के सीए सुमन सिंह की इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च

अंगुली पकड़े एक पिता अपने बेटे के मासूम सवालों का जवाब दे रहा है। मासूम पूछता है- जिंदगी में सफल कौन है पापा? पिता कहते हैं, जिसके पास पैसा है। लेकिन, यह पैसा ईमानदारी से कमाया होना चाहिए। पिता की यही सीख एक सीए बेटा सुमन सिंह ज्यादा दिन गांठ बांधकर नहीं रख सका। तभी उसके घर से ईडी ने छापेमारी कर 19.31 करोड़ रुपए जब्त किए और वह इस पैसे का हिसाब नहीं दे पाया। हालांकि ज्योतिषीय गणना में पारंगत सुमन ने हाई सोसायटी में अपनी मजबूत पकड़ बना ली थी और उसके ग्रह-नक्षत्र कई अफसरों के पैसे खपाने के माकूल हो गए थे। इसका प्रभाव पिता की भी ग्रह राशि पर पड़ा और वे गांव में हर कीमती जमीन मुंहमांगी कीमत पर खरीदते रहे। पर कुकर्मों का लेखा-जोखा सामने आ ही जाता है। आज सुमन के ऑफिस में कामकाज चल रहा है, लेकिन सुमन कुमार सिंह एंड कंपनी का बोर्ड फेंका दिख रहा है। अपने आप को सुमन का पार्टनर बताने वाले हरिकांत कह रहे हैं कि सुमन कभी-कभार ही ऑफिस आता था। सभी क्लाइंट का काम मैं ही देखता हूं। हां, सुमन के संपर्क के क्लाइंट जब आते थे ताे वह आता था। इसके अलावा वह और क्या करता था, किसी काे नहीं पता। हालांकि पार्टनर के जवाब पर ऑफिस से जब्त 21.70 लाख रुपए सवाल खड़े करते हैं। वहीं बूटी हनुमान नगर स्थित साेनाली अपार्टमेंट के उनके पड़ोसी उन्हें अब फिल्मी किरदार समझ रहे हैं, जो कभी ज्योतिषी, कभी नौकरीपेशा तो कभी सीए बनकर भ्रष्टाचार की पटकथा लिखते रहा। जबकि सुमन के परिवार की तरफ से गार्ड काे साफ मनाही है कि काेई भी मिलने आए ताे उसे ऊपर नहीं आने दें।

भ्रष्टाचार कथा का लिंक

पूजा सिंघल ने सीए सुमन और उसके पिता की 3 कंपनियों के खाते में भेजे थे 16.57 लाख। इसी कड़ी से जुड़ता गया भ्रष्टाचार कथा का लिंक...

पूजा सिंघल के आईसीआईसीआई एकाउंट से पहली बार 26 मई 2015 काे सीए सुमन सिंह के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए 3.96 लाख रुपए।
26 मई 2015 काे पूजा ने सुमन के अकाउंट में 3.96 लाख रुपए ट्रांसफर किए।
28 मार्च 2016 काे 6,39,500 रुपए सुमन के फर्म संतोष क्रशर मेटल वकर्स काे ट्रांसफर किए।
21 सितंबर 2017 काे सुमन के पिता राधेश्याम सिंह के नाम पर बनी कंपनी राधेश्याम एक्सप्लोसिव प्रालि. के खाते में 6.22 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इस तरह सिंघल ने अपने खाते से कुल 16.57 लाख रुपए सुमन से जुड़े खाता में ट्रांसफर किया था।

5 वर्षों में परिवार का रुतबा कई गुना बढ़ गया

नवीन निशांत/सहरसा | बिहार के सहरसा का बिशनपुर गांव...। घर पर सन्नाटा है। घर के अंदर से कुछ लोग हर आने-जाने वालों पर नजर रख रहे हैं। काफी आवाज देने पर एक आदिवासी युवती गेट पूरा खोलने की बजाए अंदर से बोली- घर में कोई नहीं हैं। राधेश्याम बाबू भी यहां नहीं हैं। युवती ने बताया वह झारखंड के लातेहार की रहने वाली है। आसपास के लोगों ने भी बताया कि लगता है सुमन के पिता छापेमारी की सूचना के बाद रांची चले गए हैं। अब समझ में आ रहा कि गांव की हर कीमती जमीन वे क्यों खरीद लेते हैं। मुंहमांगी कीमत क्यों देते हैं। 14 साल पहले जब उन्होंने गांव में घर बनाया तो ऑटो से ही मधेपुरा से गांव आते थे। अचानक 5 वर्षों में महंगी गाड़ियां दरवाजे पर खड़ी हो गईं। सुमन और पवन के अचानक बढ़े रुतबे का एहसास पिता गाड़ियों से ही कराते थे। दोनों भाई जगुआर, मर्सिडीज जैसी कारों से ही गांव आते थे। इनके घर के बगल में उनके चाचा और चचेरे भाइयों का घर है। लेकिन सुमन की अकूत कमाई का फर्क गांव में उनकी रहन-सहन से साफ दिखता है।

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