एचईसी में लगातार 7वें माह भी वेतन नहीं:आर्थिक तंगी से जूझ रहा श्रमिक था तनाव में, हार्ट अटैक से माैत, कामगाराें का गुस्सा फूटा

रांचीएक महीने पहलेलेखक: शशि कुमार
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प्लांट में एचईसी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते कामगार। - Dainik Bhaskar
प्लांट में एचईसी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते कामगार।

लगातार सात महीनाें से वेतन नहीं मिलने से एचईसी के कामगार बुरी तरह से आर्थिक तंगी से जूझने लगे हैं। राशन दुकानदाराें ने भी उधार देना बंद कर दिया है। बच्चाें काे कैसे पढ़ाएं। तनाव में चल रहे चार बच्चाें के पिता जीतबाहन मुंडा चल बसे। साथी कामगाराें ने बताया कि राशन दुकानदार ने उन्हें राशन देने से मना कर दिया था। शनिवार काे उन्हें हार्ट अटैक आया, परिजनाें के पास अस्पताल ले जाने काे पैसे तक न थे। उनकी माैत हाे गई। कुछ दिन पहले भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे कामगार माेहन मालाकार की तनाव के कारण माैत हाे गई थी। शनिवार काे जीतबाहन की माैत से साथी कामगाराें का गुस्सा फूटा और उन्हाेंने बकाया वेतन की मांग काे लेकर टूल डाउन स्ट्राइक पर जाने का मन बना लिया।

प्लांट स्तर पर कामगाराें का वेतन के लेकर आंदाेलन चल रहा था। कामगाराें ने दाे दिन पहले मंगलवार काे प्लांट हेड काे बंधक भी बना लिया था। उच्चाधिकारियाें ने वेतन भुगतान का आश्वासन भी दिया, लेकिन दाे तारीख तक नहीं मिला, ताे तीनाें प्लांटाें (एफएफपी, एचएमबीपी और एचएमटीपी) के कामगाराें ने टूल डाउन स्ट्राइक कर दी। प्रबंधन ने शुक्रवार काे हाईलेवल मीटिंग रखी है, जिसमें आंशिक वेतन देने पर सहमति बन सकती है। कामगाराें ने चेतावनी दी कि वेतन न मिला, ताे वे अनिश्चितकालीन टूल डाउन हड़ताल पर चले जाएंगे।

श्रमिकाें का पसीना सूखने पर मिलती है मजदूरी : संघ

एचईसी श्रमिक संघ के महामंत्री वेदप्रकाश सिंह ने कहा कि वर्कर का पसीना सूखने पर मजदूरी मिलती है। कामगार सुशील हरिजन पैसा नहीं रहने से बेटी की शादी टालने काे मजबूर हैं। एचईसी श्रमिक कर्मचारी यूनियन के महासचिव कृष्णमाेहन सिंह का कहना है कि वेतन न देकर पैसे दूसरे मद में खर्च किए जा रहे हैं।

स्थाई सीएमडी नहीं, एसलिए महत्वपूर्ण फैसले लेने में दिक्कत

भेल के सीएमडी नवीन सिंघल के पास एचईसी के सीएमडी का अतिरिक्त प्रभार है। गुरुवार को उन्हें सातवीं बार फिर से 6 माह का एक्सटेंशन दे दिया गया है। कामगारों का कहना है कि सीएमडी महीने में एक दिन भी एचईसी नहीं आते हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण फैसले नहीं हाे पा रहे।

गैस प्लांट व फर्नेश बंद हुआ ताे चालू करने में परेशानी

गैस प्लांट व फर्नेश बंद होने से फिर इसे दुबारा चार्ज करने में दाे से तीन दिन का समय लग जाता है। फर्नेश में जो माल रहता है, वह भी बर्बाद हो जाता है। ऐसे में यदि गैस प्लांट और फर्नेश में काम कर रहे कामगार भी टूल डाउन स्ट्राइक पर चले जाते हैं, ताे दाेनाें प्लांट ठप हाे जाएंगे, जिसे दाेबारा चालू कराने में परेशानी होगी।

3 विकल्प... जिससे दूर हाे पूंजी की कमी

1. एचईसी प्रबंधन बैंक से 500 करोड़ लोन लेने का प्रयास कर रहा है। केंद्र सरकार मदद करे, ताे निगम काे कार्यशील पूंजी मिल सकती है।

2. एचईसी के पास इस वक्त करीब 600 एकड़ खाली जमीन है, जिसे प्रबं‌धन सरकारी संस्थानों को ही लीज पर देकर बड़ी पूंजी खड़ा कर सकता है। केंद्र को पहल करनी चाहिए।

3. सरकार की कोशिश होनी चाहिए कि अन्य सार्वजनिक उपक्रम की ईकाइयों का कार्यादेश हर हाल में एचईसी को मिले।

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