मजदूरों का दर्द / 2000 किमी पैदल चल मजदूर पहुंचे कहा-सरकार ने कुछ नहीं किया

2000 km walk workers arrived - the government did nothing
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2000 km walk workers arrived - the government did nothing

  • मजदूर बोले-पांकी विधायक से कई बार बात की, पर बात नहीं सुनी

दैनिक भास्कर

May 17, 2020, 05:00 AM IST

पाटन. पांकी के एक दर्जन मजदूर सड़क से पैदल होते हुए किशुनपुर होकर गुजरे। उनकी आंखों में आंसू व पैरों में छाले पड़ गए थे। मजदूरों ने बताया कि 2000 किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंच रहे हैं। 10 दिन से दिन और रात चल कर वे यहां तक पहुंचे हैं। अपने गांव होली के पर्व को बिताकर वे लोग चेन्नई कमाने गए थे, जबकि 3 दिन ही कार्य किए थे कि लॉकडाउन प्रारंभ हो गया। जिस कंपनी में काम कर रहे थे वह कंपनी इन मजदूरों को निकालकर कंपनी से बाहर कर दिया। दूसरा कोई सहारा न था, जिसके बाद इन मजदूरों ने अपने परिवार जनों को दूरभाष पर बताया जिसके बाद उनके परिजन द्वारा पांच ₹5000 प्रत्येक मजदूरों को उनके परिजन भेजें। इसके बाद वे लोग पैदल चलकर अपने गांव पहुंचेंगे। मजदूरों ने बताया कि सरकार मजदूरों के लिए नहीं बल्कि बड़े लोगों के लिए है काम कर रही है। आंख में आंसू देखकर लग रहा था कि यह लोग कितने मजबूर हैं। पांकी थाना क्षेत्र के माडन के रहने वाले यह सभी मजदूर मजदूरी करने एसआर कंपनी चेन्नई में काम करते थे, जहां पर यह लोग काम करते थे।  कंपनी और सरकार ने कोई मदद नहीं की जिसके बाद यह लोग पैदल घर चलना है अच्छा समझे जबकि चेन्नई में पुलिस कर्मियों के द्वारा इन मजदूरों को पीटा  गया। मजदूर लाल दीप उरांव, सुनील पासवान, बलराम पासवान, बाल गोविंद पासवान , हज़ारी पासवान नीरज पासवान, अजय पासवान, विजय पासवान ,आनंद पासवान, रामेश्वर उरांव, लव कुश पासवान समेत अन्य लोग मजदूर थे। जिन्होंने बताया कि पांकी विधानसभा के विधायक अाैर मुखिया को बार बार फोन किया लेकिन किसी ने नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि हम मजदूरों का देखने वाला सिर्फ भगवान है भगवान ने हमें अपने घर भेज दिया।

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