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जून के बाद जुलाई में भी मानसून मेहरबान...:10 दिनों में ही औसत की 52% बारिश अबतक 179 मिमी हो चुकी, पलामू में इस महीने होती है औसतन 344.7 मिमी वर्षा

पलामूएक महीने पहले
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लॉकडाउन के कारण पलामू में मॉनसून जुलाई की 3 तारीख से सक्रिय है। 10 जुलाई तक जिले में 178.8 मिमी बारिश हो चुकी, जबकि जुलाई माह का औसत वर्षापात 344.7 मिमी है। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र चियांकी के अनुसार 1 जुलाई को 18, 2 जुलाई को 27, 6 जुलाई को 7.2,  7 जुलाई को 17.8,  8 जुलाई को 18.2, 9 जुलाई को 85.8 और 10 जुलाई को सुबह 7 बजे तक 4.8 एमएम बारिश हुई। वैज्ञानिक डॉ. कुमार शैलेंद्र मोहन ने कहा कि लॉकडाउन के कारण बारिश का ट्रेंड बदला है। उसके विपरीत साल 2011 के बाद पहली बार जून माह में औसत वर्षापात से कही अधिक सामान्य वर्षा हुई। इस बार जुलाई, अगस्त और सिंतबर माह में अच्छी बारिश के आसार है। जून माह में सामान्य वर्षापात 152.4 के विरूद्ध औसत वर्षापात 278.4 एमएम हुई।

इस साल पलामू जिले की 4100 हेक्टेयर जमीन में डाला गया है धान का बिचड़ा 
कृषि विभाग ने खरीफ 2020 में जिले में 5,100 हेक्टेयर में धान बिचड़ा, 51,000 हेक्टेयर में धान, 27,520 हेक्टेयर में मक्का, 51,831 हेक्टेयर में दलहन 2390 हेक्टेयर में तिलहन और 3210 हेक्टेयर में मोटा अनाज आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके विरूद्ध अब तक 4100 हेक्टेयर में बिचड़ा डाला गया है। 12204 हेक्टेयर में मक्का, 9183 हेक्टेयर में दलहन और 300 हेक्टेयर में तिलहन और 30 हेक्टेयर में मोटा अनाज का आच्छादन हो चुका है। जिला कृषि पदाधिकारी मो. जुबेर अली ने बताया कि सभी प्रखंडों में धान का बिचड़ा गिरा दिया गया है बारिश को देखते हुए अगस्त धान की रोपाई की संभावना है। 

मानसून पर निर्भर है पलामू जिले की खेती... अच्छी बारिश से इस साल किसानों में जागी उम्मीद

पलामू जिला अपनी वार्षिक वर्षा का 80 प्रतिशत मानसून के मौसम के दौरान प्राप्त करता है, जो आमतौर पर जून में शुरू होता है और सितंबर तक पीछे हटना शुरू हो जाता है। जिले में मक्का, धान, दलहन और तिलहन की खेती के लिए मॉनसून वर्षा महत्वपूर्ण है, जहां खेती जिले की अर्थव्यवस्था के लगभग 65 प्रतिशत हिस्से में होती है और इसके आधे से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है। हालांकि रैन शैडो जिला होने के कारण पलामू झारखंड के न्यूनतम वर्षापात वाले जिलों में एक है। लॉकडाउन इफेक्ट से साल 2011 के बाद सर्वाधिक बारिश इस साल जून माह में हुई है।

जुलाई 2015 में रिकॉर्ड 439 मिमी बारिश, 2013 में सबसे कम 138

झारखंड राज्य गठन के बाद पलामू जिले में जुलाई माह के बरसात पर नजर डालें तो सर्वाधिक बारिश साल 2015 में 439 मिमी. हुई थी। साल 2017 में जुलाई माह में 423.2 मिमी. बारिश हुई थी। साल 2006 में 397.2 मिमी. बारिश हुई थी। साल 2002 में 349.6 मिमी. बारिश हुई थी। वहीं, साल 2016 में 319.6 मिमी. और 2012 में 312 मिमी. बारिश हुई थी। आंकड़ों पर नजर डाले तो न्यूनतम बारिश साल 2013 में 138.8, साल 2004 में 139 मिमी., 2010 में 141 मिमी. हुई थी।

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