ये भी दुर्गा:300 से ज्यादा एचआईवी पीड़ितों की मददगार बनी सीमा, जीने का जज्बा जगाने के साथ समाज में दिलाया सम्मान

पलामू17 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
एक मरीज के घर जाकर दवा पहुंचाती कोडरमा की सीमा। - Dainik Bhaskar
एक मरीज के घर जाकर दवा पहुंचाती कोडरमा की सीमा।

मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी है। मां का यह रूप तप और कठोर परिश्रम की सीख देता है। यानी, बिना कठिन तप के जीवन में कुछ भी प्राप्त नहीं हो सकता। मां दुर्गा ने तप, त्याग, संयम, वैराग्य और सदाचार की शक्ति महिलाओं को दी है। मुश्किलों का दौर कैसा भी हो, इस शक्ति से महिलाएं बुरे वक्त को अनुकूल बना देती हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन ऐसी ही एक महिला के संघर्ष की कहानी...

जीवन में कठिन संघर्षों के दौर में भी विचलित नहीं होना चाहिए। संघर्ष की राह पर चलने वालों को हमेशा विजय प्राप्त होती है। कोडरमा में जयनगर के पेठियाबागी की सीमा देवी ऐसी महिला हैं जो जीवन में आई चुनौतियों से कभी विचलित नहीं हुई। जीवन पथ पर आनेवाली हर मुश्किलों का सामना किया। आज वे 300 से ज्यादा एड्स पीड़ितों की शक्ति और प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं। आत्मविश्वास के बल पर सीमा ने न सिर्फ अपने परिवार को संभाला, बल्कि एचआईवी पीड़ितों में जीने का जज्बा जगाया और समाज में उनको सम्मान भी दिलाया। सीमा देवी ने बताया कि उनकी शादी 2000 में संतोष रजक से हुई थी। 9 साल के बाद पति की आकस्मिक मृत्यु हो गई। उनकी माली हालत ऐसी नहीं थी कि तीन बच्चों का भरण पोषण कर सकें। ऐसे में मानसिक तनाव में रहने लगीं। इससे शरीर इतना कमजोर हो गया था कि वे मजदूरी करने के लायक नहीं रहीं। बाद में उन्होंने खुद को संभाला और संकल्प लिया कि बेसहारों का सहारा बनेंगी। सीमा ने उस राह को चुना, जिसका नाम सुनकर लोग डर जाते हैं। उन्होंने एड्स पीड़ित और उनके परिवारों को सहारा देना शुरू किया। महामारी के खिलाफ अभियान में काफी कुछ सुनना-झेलना पड़ा। लोगों के ताने सुनने पड़े। लेकिन रुकी नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने लगीं। 2012 से 2021 तक 9 साल में कोडरमा जिला में एड्स पीड़ित 300 से ज्यादा लोगों को तलाशा। जीवन से निराश हो चुके लोगों का मनोबल बढ़ाया। उनके घर तक दवा पहुंचाना शुरू किया। उनको सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया। आज भी उन्हें इस बीमारी से जूझते मरीज की सूचना मिलती है तो वे मदद करने पहुंच जाती हैं। रिपोर्ट-अजय कुमार, कोडरमा

संघर्ष की राह... समाज में कायम गलत धारणा को मिटाने का प्रयास

सीमा आज 3 बच्चों के साथ खुशहाल जिंदगी जी रही हूं। तीनों बच्चे पढ़ते हैं। बच्चों की परवरिश के साथ वे एचआईवी पीड़ितों की सेवा करती हैं और ऐसे रोगियों के प्रति समाज में कायम समाज गलत धारणा को मिटाने का प्रयास करती हैं। उन्होंने कहा कि आरटी सेंटर में जिन पीड़ितों के नाम हैं, उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ पेंशन का लाभ दिलाने की कोशिश करती हैं। वे एसजेटी प्लस सीएचसी के बिहान प्रोजेक्ट से जुड़कर पीड़ितों की मदद रही हूं ।

खबरें और भी हैं...