घर वापसी / न भूख-प्यास की चिंता, न ही बीमारी का डर, बस किसी तरह घर लाैटने की जुगत

There is no worry of hunger and thirst, nor fear of disease, just any way of getting home
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There is no worry of hunger and thirst, nor fear of disease, just any way of getting home

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

पलामू. उज्ज्वल विश्वकर्मा, लाॅकडाउन में फंसे मजदूर किसी तरह अपने घर लौटना चाहते हैं। उन्हें न ताे भूख-प्यास की चिंता है और न ही बीमारी का डर। यही वजह है कि वे लाेग रास्ते में अपनी जान जाेखिम में डालते चले आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ से झारखंड जाने के लिए निकले मजदूर ट्रकों के ऊपर बैठकर जा रहे हैं तो कोई पैदल ही रवाना हो रहा है। बुधवार को छत्तीसगढ़ से झारखंड जाने के लिए निकले मजदूर रास्ते में ट्रक का सहारा लेकर डाल्टनगंज गए। इस दौरान मजदूरों की संख्या अधिक होने की वजह से ट्रक पर बैठ तो गए लेकिन जगह कम और मजदूर अधिक हाेने की वजह से किसी भी समय हादसा हाे सकता था। इसी तरह अनेक मजदूर एक के बाद एक रात्रि के समय कोई पैदल तो ट्रक में सवार होकर जा रहे हैं। एक तरफ सरकार दावा कर रही है कि मजदूरों को बस और ट्रेन के माध्यम से भेजा जा रहा है। लेकिन सच्चाई तो यह है कि ज्यादातर लोग पैदल या ट्रक के माध्यम से लाैट रहे हैं। शनिवार को जिले के बिलासपुर गांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग 75 पर एक ट्रक पर 40 से 50 लोग सवार थे। जानकारी के अनुसार सभी मजदूर छत्तीसगढ़ के रायपुर में सरिया सेट्रिंग का काम करते थे।

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