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अच्छी खबर:कोरोना के मामले घटे, 146 दिनों बाद आज खुलेगा मां छिन्नमस्तिका का द्वार

रजरप्पा9 दिन पहले
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  • राज्य सरकार के फैसले के बाद स्थानीय दुकानदारों के साथ-साथ पुजारी और आम श्रद्धालुओं में देखा गया उत्साह

राज्य के आपदा विभाग की ओर से जारी किए निर्देश के बाद बुधवार से सारे मंदिर, मसजिद समेत तमाम इबादतगाह को खुलने का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही झारखंड के प्रमुख मंदिरों में से एक रामगढ़ जिला स्थित सिद्धपीठ रजरप्पा का छिन्नमस्तिका मंदिर को भी बुधवार से आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। मंगलवार को ही सूबे के पूर्व मंत्री सह गिरिडीह के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी रजरप्पा पहुंचकर स्थानीय पुजारियों और दुकानदारों के साथ बैठक कर शीघ्र छिन्नमस्तिका मंदिर खुलवाने का भरोसा दिया था। इसके बाद शाम को ही राज्य सरकार ने सूबे के तमाम मंदिरों को खोलने की घोषणा कर दी।

इससे पूर्व, भाजपा नेता राजीव जायसवाल ने भी मंदिर खुलवाने की मांग को लेकर छिन्नमस्तिका मंदिर से पैदल यात्रा करते हुए राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा था, जिसके बाद उन्होंने भी शीघ्र मंदिर नहीं खुलने की स्थिति में रजरप्पा बंद का आह्वान किया था। आजसू के केंद्रीय महामंत्री रोशन लाल चौधरी ने भी पहल की थी।

इतिहास में दूसरी बार पांच माह से ज्यादा समय तक बंद रहा मां के दरबार का पट
स्थानीय पुजारियों की मानें तो उन्हें अपने जीवन काल में इतना लंबे समय छिन्नमस्तिका मंदिर का पट आम श्रद्धालुओं के लिए बंद नहीं रहा। कोरोना महामारी के कारण लगातार दो बार यह देखने को मिला। कोरोना की पहली बार में लगभग 6 माह और दूसरी बार 4 माह से अधिक यानी कुल 146 दिन मंदिर का पट आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहा। पुजारियों के अनुसार, दस साल पहले जब छिन्नमस्तिका मंदिर में मूर्ति चोरी और विखंडन की घटना हुई, उस समय तीन दिनों तक मंदिर में पूजा अर्चना बंद हुई थी।

दो गज की दूरी के साथ मिलेगा मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं को प्रवेश
भक्तों और पुजारियों को कोविड-19 के नियमों का पालन करना होगा। भक्तों के बीच दो गज की दूरी के साथ ही गर्भगृह में प्रवेश मिलेगा। इस दाैरान सभी भक्तों, पुजारियों को नाक और मुंह पर मास्क लगाना जरूरी होगा। दुकानों में भी गाइडलाइन का पालन जरूरी है, पालन नहीं करने पर कार्रवाई हाेगी। मंदिर खुलने के बाद सेनेटाइजर और हाथ धोने की व्यवस्था मंदिर के मुख्य द्वार पर भी रहेगी। सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार बड़े धार्मिक स्थलों में एक घंटे में सौ लोग शामिल हो सकेंगे।

आज सुबह मंगल आरती के बाद पट खुलेगा : असीम
मंदिर के पुजारी असीम पंडा ने बताया कि आज सुबह की मंगल आरती के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए पट खुलेगा। जिला प्रशासन से आदेश मिलने के साथ ही कोविडे प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पट खोल दिया जाएगा। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि देर रात तक आपदा प्रबंधन का आदेश प्राप्त हो जाएगा तो बुधवार से पट खोल दिया जाएगा।

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