रामगढ़ हाईवे लाइव रिपोर्ट / छपरा से लोहरदगा लौट रहे मजदूरों से ‌~2000 की लूट, बदमाश ने 800 रख 1200 लौटाए, बोला-सॉरी भाई हम भी कड़की में हैं

लूट ~ 2000 loot from laborers returning from Chhapra to Lohardaga, the miscreant returned 800 with 1200, said - sorry brother, we are also in Karki
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लूट ~ 2000 loot from laborers returning from Chhapra to Lohardaga, the miscreant returned 800 with 1200, said - sorry brother, we are also in Karki

  • रास्ते में तबीयत खराब हाेने पर अंजान राहगीर ही करा रहे अस्पताल में भर्ती

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 07:41 AM IST

कुजू. लॉकडाउन की तारीख जैसे जैसे बढ़ती जा रही है तो वैसे वैसे मजदूरों की बेबसी की कहानी भी बढ़ती जा रही है। घर की चौखट चूमने की आस में प्रवासी मजदूरों की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही है। जीवन चलने का नाम, चलते रहो सुबह शाम। कुछ इसी अंदाज में मजदूरों की घर वापसी हो रही है। महिलाएं माथे पर सामान और गोद में छोटे-छोटे बच्चों को लेकर अपने कामकाज भरी जिंदगी को छोड़कर, घर की ओर चल पड़ी हैं। छोटे-छोटे बच्चों के लिए दूध भी नहीं मिल पा रहा है। रास्ते में होटल वगैरह बंद पड़े हुए हैं। मुंबई से नवादा बस से जा रहे रहे रामचरण शर्मा कुजू में राशन की दुकान पर रुक कर सामान ले रहे थे। उनसे जब पूछा गया कि उन्होंने मुंबई छोड़ कर घर जाने का फैसला क्यों लिया। जवाब में उन्होंने कहा कि मजबूर थे हम। बेबस थे हम। एक-एक तिनका जोड़कर रोजी रोटी के लिए शहर में घोसला बनाया था। गांव से परिजनों को ले जाकर हंसी खुशी जिंदगी बिता रहे थे, परन्तु लाॅकडाउन की आंधी से उनकी रोजी-रोटी की टहनी टूट गई और उनके घोसले बिखर गए। मजबूर होकर घोंसला छोड़कर अब अपने गांव जाना पड़ रहा है।

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