70 करोड़ का घोटाला:संपन्न लोगों के शौचालय दिखाकर निकाल लिए 62 लाख, पतरातू की लपंगा पंचायत में घोटालेबाजों ने कागज पर ही बना डाले 520 शौचालय

रामगढ़19 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • रामगढ़ में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 326 गांवों में बनने थे एक लाख शौचालय
  • लपंगा में 96 लाख से बनने थे 803 शौचालय, 240 बने नहीं, 280 अधूरे छोड़ दिए

रामगढ़ जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में भारी हेराफेरी हुई है। 326 गांवों में 120 करोड़ से एक लाख शौचालय बनने थे। इसमें से 70 करोड़ का घोटाला कर लिया गया। हेराफेरी में जिला को-ऑर्डिनेटर राम कुमार पर गंभीर आरोप लगे।

पेयजल स्वच्छता विभाग के तत्कालीन निदेशक अबु इमरान ने सितंबर 2020 में उन्हें हटाने का आदेश दिया, लेकिन संविदा पर रामगढ़ का परामर्शी और पतरातू प्रखंड का प्रभारी बनाकर काम लिया जा रहा है। शौचालय बनाने के नाम पर सबसे ज्यादा लूट इसी प्रखंड में हुई है। प्रखंड की लपंगा पंचायत में 803 शौचालय बनाए गए। पहले चरण में 607 शौचालय, दूसरे चरण में नहीं बने। तीसरे चरण में नो वन लेफ्ट आउट बेनिफिसरी से 196 शौचालय बनाए गए। सिर्फ इस पंचायत में 96.36 लाख से 803 शौचालय बनाए गए, लेकिन इनमें से 240 बने ही नहीं और संपन्न लोगों के 280 शौचालय दिखाकर 62 लाख रुपए निकाल लिए। इधर, विभाग के कार्यपालक अभियंता राजेश रंजन को जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।

यहां निदेशक की नहीं चलती, को-ऑर्डिनेटर को हटाने कहा था, उसी से लिया जा रहा काम

रामगढ़ जिले में शौचालय निर्माण में गड़गड़ी की शिकायत, जलसहिया, लाभुकों और स्थानीय ग्रामीणों ने पहले विभाग के जिलास्तरीय अधिकारियों से की थी। उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मामला पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, रांची तक पहुंचा। इसके बाद विभागीय जांच कराई गई। जांच में पता चला कि यह गड़बड़ी जिला समन्वयक (को-ऑर्डिनेटर)स्तर से हो रही है। उसने विभाग के कई अधिकारियों को मैनेज कर रखा है। इसके बाद पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के तत्कालीन निदेशक अबु इमरान के संज्ञान में यह मामला आया तो उन्होंने रामगढ़ उपायुक्त सह अध्यक्ष जल एवं स्वच्छता समिति को पत्र लिखकर जिला समन्वयक (स्वच्छ भारत मिशन, ग्रामीण) रामकुमार की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्देश दिया। तत्कालीन निदेशक अबु इमरान ने 14 सितंबर 2020 को यह निर्देश जारी किया था। इसके बावजूद भी रामकुमार अपने पद पर बने रहे और स्वच्छ भारत का सपना दम तोड़ता रहा। जिम्मेदार अधिकारयों से पूछे जाने पर उनका जवाब है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।

स्थानीय लोगों ने गड़बड़ी की शिकायत विभाग के कार्यपालक अभियंता से की थी। इसके बावजूद जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। जिला समन्वयक और विभाग के कुछ अधिकारी व कर्मचारी मिलकर स्वच्छ भारत मिशन का पैसा निकालते रहे। विभाग के जानकारों के अनुसार, कई फर्जी समितियाें का संचालन रामकुमार करते हैं। अधिकारियाें को जानकारी के बावजूद हेराफेरी जारी रही।

फौजी का शौचालय दिखा निकाल लिए पैसे

लपंगा में फौजी का शौचालय दिखाकर भी पैसे निकाल लिए। अरशद अली आर्मी में हैं। उनके नाम पर भी शौचालय है। लपंगा में इसी तरह अफरीदी अंसारी, एहसान अंसारी, अनीश आलम, इश्तियाक अहमद, मो. गुलजार अंसारी, मो. इस्लाम अंसारी, नईम अंसारी, प्रकाश कुशवाहा, सद्दाम हुसैन, तरन्नुम खातून के नाम पर गड़बड़ी की गई है। पतरातू प्रखंड के तालाटांड़, दुड़गी, सयाल में स्वच्छ भारत मिशन अभियान की गाइडलाइन का पालन नहीं हुआ है। फर्जी स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पैसे निकाले गए। ऐसी समितियों को काम दिया गया, जो झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी से टैग नहीं हैं। पतरातू की पीपर महिला समिति जेएसएलपीएस से निबंधित नहीं है। इसके नाम पर बहुत सारे कार्य कराए गए। गुलाब महिला समिति और नैना आजीविका का भी रजिस्ट्रेशन जेएसएलपीएस से नहीं है।

खबरें और भी हैं...