राजभाषा का दर्जा:हिंदी भाषा के साथ भेदभाव कर सरकार ने गलत संदेश

रामगढ़2 महीने पहले
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अनुसूचित जाति-जनजाति विकास परिषद के जिलाध्यक्ष सह पूर्व झामुमो नेता किशन राम अकेला ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि हेमंत सोरेन सरकार द्वारा तुष्टीकरण की राजनीति करने से राज्य में राजनीतिक अशांति और हिंसा बढ़ने की संभावनाएं बढ़ रही है। राज्य में उर्दू को राजभाषा का दर्जा देना और हिंदी को राजभाषा के दर्जे से बाहर रखना, यह हेमंत सोरेन सरकार की तुष्टीकरण और गंदी राजनीति का परिचय है।

झारखंड राज्य में आदिवासियों का जन्म प्रमाण पत्र एक बार में आजन्म बनेगा, इस तरह मूल वासियों को छोड़कर सिर्फ आदिवासियों के हित में निर्णय लेना मूलवासी और आदिवासियों के बीच में लड़ाई लगवाने का एक कुंठित प्रयास है। यह राज्य के लिए विनाशकारी है। हेमंत सोरेन सरकार अंग्रेजों की तरह इस राज्य में फूट डालो और शासन करो की राजनीति कर रही है। झारखंड के मूलवासी और आदिवासी राज्य सकार के खिलाफ जल्द आंदोलन करेंगे।

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