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रोजगार की तलाश:केजीवीके व एचडीएफसी बैंक की पहल, जिले के 14 गांव के गरीब परिवारों को बनाया जा रहा आत्मनिर्भर

रामगढ़5 दिन पहलेलेखक: शंकर कुमार देवघरिया
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केजीवीके और एचडीएफसी बैंक की पहल से टपक सिंचाई से की गई जैविक खेती। - Dainik Bhaskar
केजीवीके और एचडीएफसी बैंक की पहल से टपक सिंचाई से की गई जैविक खेती।
  • बकरी पालन, सूकर पालन, मशरूम उत्पादन व उन्नत खेती से स्वावलंबी बनाने व पलायन रोकने का प्रयास : सोमेन

वैश्विक महामारी कोरोना काल में सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र के लोग जहां रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में पलायन करते थे, ऐसे ग्राम के लोगों को केजीवीके और एचडीएफसी बैंक संपूर्ण विकास योजना के तहत उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास में जुटी है। केजीवीके और एचडीएफसी बैंक समग्र विकास विकास योजना के तहत पिछले चार वर्षों से जिले के 14 गांव के गरीब परिवार के सदस्यों को बकरी पालन, सूकर पालन, मशरूम उत्पादन, मछली पालन, उन्नत खेती व कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार बनाने के प्रयास में लगी है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार ग्रामीण जो पहले शराब के नशे में डूबे रहते थे, वे आज स्वरोजगार बन गये हैं। उनके जीवन के आर्थिक स्वरूप में बदलाव आ रहा है।

किसान खेत पाठशाला के जरिये नये कृषि तकनीक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें बकरी पालन, सुकर पालन, उन्नत धान की खेती (श्री विधि), मशरूम उत्पादन, स्ट्रॉबेरी उत्पादन सहित कौशल विकास के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अबतक प्राकृतिक संसाधन के क्षेत्र मे 36 तालाब और 75 कूप निर्माण किया गया है। जिससे 150 एकड़ से ज्यादा भूमि में सिंचाई की व्यवस्था है।

67 एकड़ मे टपक सिंचाई प्रणाली, एक चेक डैम का निर्माण भी किया गया है। जिसमे 14.5 एकड़ भूमि की सिंचाई की जा रही है।वहीं सिंचाई नाली तेरह सौ मीटर, एक सौर्य उर्जा पर आधारित लिफ्ट इरीगेशन, 108 सौर्य उर्जा पर आधारित स्ट्रीट लाइट भी ग्रामीण क्षेत्र में लगाया गया है। वहीं दूसरी ओर कौशल विकास व उन्नत खेती का प्रशिक्षण, चौदह किसान खेत पाठशाला, पांच एकड़ मे स्ट्रॉबेरी की खेती, 857 किशोरियों के बीच पोशाक वाटिका, 1195 परिवारों के साथ मशरूम उत्पादन, 128 तालाबों मे मछली पालन, 182 केंचुआ खाद शेड का निर्माण, 115 परिवार को सुकर पालन का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र मे 6 विद्यालयो मे रंगरोगन, स्मार्ट क्लासरूम एवं फर्नीचर व पेयजल की व्यवस्था व शौचालय के निर्माण के साथ-साथ हैंडवाश की व्यवस्था की गई है। वहीं समय-समय पर ग्रामीणों के बीच स्वास्थ्य जांच शिविर के तहत महिलाओं व युवतियों का हेमोग्लोबिन व स्वास्थ्य की जांच की व्यवस्था के अलावे खेलकूद का भी प्रशिक्षण छात्र-छात्राओं को दिया जा रहा है।

संपूर्ण ग्राम विकास परियोजना के प्रबंधक सोमेन महतो व सचिव डॉ अरविंद सहाय ने बताया की गांव के अंतिम व्यक्ति तक को रोजगार मुहैया कराना व उन्हें आत्मनिर्भर बनाना ही परियोजना का मुख्य उद्देश्य है। जिससे रोजगार के अभाव में जिले के लोग दूसरे राज्यों में पलायन ना करें।

चौदह गांवों में चल रहा संपूर्ण विकास योजना
जिले के केजीवीके और एचडीएफसी बैंक समग्र ग्रामीण विकास परियोजना के तहत रामगढ़ जिले के 14 गांव के लोग लाभान्वित हो रहे हैं। जिसमें पतरातू प्रखंड के कचुदाग, कंडेर सिउर व सिधवार कला, रामगढ़ प्रखंड के दोहाकातू, बनखेता व गंडके, लोलो व बूढ़ा खोंखरा, दुलमी प्रखण्ड के गोड़ातू, उसरा, कुसुंभा, भैपूर और जामसिंघ गांव में संपूर्ण विकास योजना के तहत लोगों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

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