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महत्वपूर्ण भूमिका:12 साल बाद नेपाल से लाैटी, भटककर चली गई थी एतवरिया

लोहरदगा10 दिन पहले
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भंडरा प्रखंड अंतर्गत मसमानो ठाकुरगांव की रहने वाली स्व. बिरसु उरांव की पुत्री एतवरिया उरांव 12 साल बाद नेपाल देश से सोमवार को अपने घर सकुशल पहुंची। इसकी सकुशल वापसी में जिला उपायुक्त सहित जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन सहित स्थानीय लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

परिजनों ने बताया कि बेरोजगारी के आलम में रोजगार की तलाश के दौरान ईंट भट्ठे में काम करने के लिए 2008 ई में एतवरिया अपने पिता बिरसु उरांव और भाई शनि उरांव के साथ उत्तर प्रदेश अयोध्या के निकट बसडीला गांव के ईट भट्ठा गई थी।

यहां उन लोगों के साथ में गांव के अन्य लोग रवि उरांव, विनोद राम, दिनेश उरांव, मनु उरांव, शनिचरवा उरांव, सुरेश उरांव भी काम व रोजगार की तलाश में ईंट भट्ठा गए थे। इसके बाद वहां से एतवरिया भटक गई थी और भटक कर नेपाल चली गई थी। ऐश्वर्या के भटकने के पश्चात उसके पिता व माता धनिया उरांव दोबारा उसे ढूंढने के लिए उत्तर प्रदेश गए थे, इसके बावजूद वह नहीं मिली थी।

दूतावास के माध्यम से उसे भारत लाया गयी। इधर उसके घर आने की सूचना पर उसकी बूढ़ी मां धनिया बेटी का इंतजार करती रही। घर पहुंचने पर मां-बेटी भावुक हुए। फिर विजय उरांव तथा एतवरिया की दीदी मंजू उरांव के साथ श्रम अधीक्षक लोहरदगा धीरेन्द्र महतो द्वारा दिल्ली से सोमवार को लोहरदगा लाया गया।

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