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उत्तम आर्जव:सरल स्वभाव के साथ परम आनंद मोक्ष प्राप्त करने सिखाता है उत्तम आर्जव धर्म

रामगढ़11 दिन पहले
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श्री दिगंबर जैन समाज की ओर से दशलक्षण महापर्व मनाया जा रहा है। रामगढ़ के मेन रोड के श्री दिगंबर जैन मंदिर और रांची रोड के श्रीपारसनाथ जिनालय में सादगी के साथ महापर्व के अनुष्ठान किए जा रहे हैं। महापर्व के तीसरे दिन रविवार को श्रीदिगंबर जैन मंदिर रामगढ़ में श्रीजी का प्रथम अभिषेक विद्याप्रकाश पदमचंद छाबड़ा व शांतिधारा का सौभाग्य मांगीलाल अशोक चूड़ीवाल को मिला।

वहीं, रांची रोड के श्रीपारसनाथ जिनालय में प्रथम अभिषेक जीवनमाल जमबू कुमार पाटनी और शांतिधारा करने का सौभाग्य माखनलाल पाटनी को प्राप्त हुआ। धार्मिक अनुष्ठान में उत्तम आर्जव धर्म की विधान की गई। पूजन के बाद पंडित सुरेश जैन ने बताया कि आत्मा का स्वभाव ही सरल स्वभाव है। इसलिए, प्रत्येक प्राणी को सरल स्वभाव रखना चाहिए। यह आत्मा अपने सरल स्वभाव से च्युत होकर पर-स्वभाव में रमते हुए कुटिलता से युक्त ऐसे नरक, तिर्यंच, मनुष्य और देव इन चारों गतियों में भ्रमण करते हुए टेढ़ेपन को प्राप्त हुआ है। इस स्वभाव के निमित्त से यह आत्मा दिखावट,बनावट,छल,कपट और पापाचार को प्राप्त कर दूसरों के द्वारा ठगाने वाला हुआ है।

जब आत्मा मन, वचन, काय से सम्पूर्ण पर-वस्तु से विरक्त होकर अपने आप में रत होता है। तब जीवात्मा अपने सरल स्वभाव को प्राप्त होकर पर-वस्तु से भिन्न माना जाता है, तभी यह सुखी हो जाता है। उत्तम आर्जव धर्म मोह-माया, गलत कर्मों को छोड़ कर सरल स्वभाव के साथ परम आनंद मोक्ष प्राप्त करने की सीख देता है। मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि सोमवार को उत्तम सत्य धर्म का पूजा की जाएगी।

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